बलात्कार

 बलात्कार

(धारा 375 व 376)

भारतीय दंड संहिता धारा 375 व 376 के तहत यदि कोई व्यक्ति जबरदस्ती या डरा धमका कर किसी स्त्री की इज्जत लूटता है तो वह बलात्कार या इज्जत लूटने का अपराध करता है यह बहुत गंभीर अपराध है।  वासना आदमी को अंधा कर देती है, जिससे वह अपना विवेक खो बैठता है और यह अपराध कर बैठता है। यदि लड़की नाबालिक है यानी 16 वर्ष से कम की है, तो उस लड़की की इच्छा से भी यदि इज्जत लूटी गई हो तो यह बलात्कार का अपराध होता है।  कानून यह मानता है कि 16 वर्ष से कम की लड़की नहीं समझ सकती कि उसके लिए क्या भला है और क्या बुरा है। उसके इस भोलेपन का लाभ उठाकर यदि कोई उसकी सहमति ले भी लेता है तो भी इसे बलात्कार का अपराध माना जाता है।  बलात्कार यदि किसी पुलिस अधिकारी,सरकारी कर्मचारी या संस्थान के कर्मचारी द्वारा अपने संरक्षण में रहने वाली किसी स्त्री के साथ किया जाता है तो अपराध अधिक गंभीर हो जाता है। 

उदाहरण

एक व्यक्ति एक स्त्री को जबरदस्ती अपने घर ले जाकर उसकी इज्जत लूट लेता है। वह व्यक्ति बलात्कार का अपराध करता है। 

2 एक डॉक्टर 14 वर्ष की बालिका का 

शारीरिक शोषण यह कह कर करता है कि वह उस बालिका का उपचार कर रहा है| वह डॉक्टर उस बालिका के साथ बलात्कार करने का अपराधी है। 

दंड का प्रावधान

बलात्कार का दंड 7 वर्ष कारावास से आजीवन कारावास तक, तथा जुर्माना हो सकता है। यदि पीड़ित को ऐसी चोट पहुंचाई जाती है कि वह मृत या मृतप्राय हो जाती है तो दंड 20 वर्ष कारावास से आजीवन कारावास तक या मृत्यु दंड हो सकता है।  सामूहिक बलात्कार का दंड कम से कम 20 वर्ष कारावास से आजीवन कारावास तक का कठोर कारावास तथा जुर्माना हो सकता है। 

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