पुलिस गिरफ्तारी कितने प्रकार की होती है?

 पुलिस गिरफ्तारी कितने प्रकार की होती है? 

धारा 50 सी.आर.पी.सी.के अधीन  

पुलिस विभाग को बंदी बनाने का अधिकार कानून प्रदत है परंतु यह अधिकार  असीमित नहीं है।  कानून में यह व्यवस्था है कि समुचित कारण होने पर या अपराध जघन्य होने पर ही पुलिस किसी व्यक्ति को बंदी बना सकती है। मुख्यत: अपराध दो श्रेणी के होते हैं।

1. संज्ञेय अपराध

2. असंज्ञेय अपराध

संज्ञेय अपराध- इस प्रकार के अपराधों के लिए पुलिस बिना किसी वारंट के संदिग्ध अपराधी को गिरफ्तार कर सकती है। सामान्यतः गंभीर अपराधों के लिए ही बिना वारंट गिरफ्तार करने का अधिकार है। गंभीर याद जघन्य अपराधों की श्रेणी में मुख्यता निम्नलिखित अपराध आते हैं।

1. अगर वह हत्या,  बलात्कार, अपहरण जैसे अपराधों का दोषी हो।

2. अगर उस पर चोरी डकैती इत्यादि का अभियोग हो या उसके पास चोरी का सामान इत्यादि बरामद हो।

3. अगर वह  मोस्ट वांटेड भगोड़ा हो।

4. अगर वह जेल से फरार हुआ हो।

5. अगर वह किसी भी सेना से भागा हुआ हो।

6. गंभीर चोट पहुंचाना बिना अधिकार प्रवेश करना न जाए शराब कशीद करना व रखना भी संज्ञेय अपराध की परिभाषा में आते हैं।

असंज्ञेय अपराध - इस प्रकार के अपराधों में छोटे-मोटे और व्यक्तिगत अपराध जैसे कि किसी पर बिना चोट पहुंचाए हमला करना, किसी की मानहानि करना या किसी को गाली गलौज देना गैर कानूनी तौर पर दूसरी शादी करना आदि आते हैं। असंज्ञेय अपराध  के बारे में जब पुलिस में सूचना दी जाती है तो वैसे ही सूचना रोजना मंचा में दर्ज की जाती है और सूचना देने वाला व्यक्ति पुलिस को बाध्य नहीं कर सकता कि वह प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करें। इस प्रकार के और संघीय अपराधियों को पुलिस अनुदेशक या तहकीकात बिना इलाका मजिस्ट्रेट से आदेश प्राप्त किए बिना नहीं कर सकता।

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