आत्महत्या करना

क्या आत्महत्या करना अपराध है?

भारतीय दंड संहिता की धारा 309 व  306 के तहत आत्महत्या का प्रयास करना एक अपराध है। जीवन ईश्वर की देन है। किसी को यह जीवन समाप्त करने का अधिकार नहीं है। चाहे वह अपना ही जीवन क्यों ना हो। संविधान द्वारा दिए गए प्राण व स्वतंत्रता के अधिकार में अपना जीवन समाप्त करने का अधिकार सम्मिलित नहीं है। आत्महत्या का प्रयास करने वाला यदि मर जाता है तो उसे कौन सजा दे सकता है, परंतु यदि वह बच जाता है तो वह आत्महत्या के प्रयास का दोषी होगा और उसे दंड मिलेगा।

उदाहरण

मुकेश अपने जीवन से तंग आकर मरने की दवा खा लेता है। उचित समय पर चिकित्सा के कारण वह बच जाता है। मुकेश आत्महत्या के प्रयास का अपराधी है।

दंड का प्रावधान

आत्महत्या के प्रयास का दंड 1 साल तक का कारावास और जुर्माना हो सकता है। परंतु यदि कोई व्यक्ति किसी को आत्महत्या करने के लिए  उकसाता है जिससे वह व्यक्ति आत्महत्या कर लेता है तो  उकसाने वाले व्यक्ति को 10 साल तक का कारावास या जुर्माना अथवा दोनों हो सकता है।

Comments

Popular posts from this blog

संविधान की प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख | Characteristics of the Constitution of India

भारतीय संविधान से संबंधित 100 महत्वपूर्ण प्रश्न उतर

संविधान के अनुच्छेद 19 में मूल अधिकार | Fundamental Right of Freedom in Article 19 of Constitution