खाने पीने की चीजों में मिलावट करना

क्या खाने पीने की चीजों में मिलावट करना अपराध है ?

भारतीय दंड संहिता की धारा 272 व 273 के तहत खाने पीने के पदार्थ में बेचने के उद्देश्य से यदि कोई जानबूझकर मिलावट करता है जिससे वह पदार्थ जन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो जाए तो यह एक अपराध है। कुछ लोग पैसा कमाने के लिए इस हद तक भी गिर जाती हैं कि खाने पीने की चीजों में दूषित पदार्थ मिलाकर बेचते हैं। उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि ऐसा पदार्थ को खाने या पीने के बाद लोग बीमार पड़ सकते हैं। मिलावट की गई वस्तु स्वास्थ्य के लिए अवश्य हानिकारक होनी चाहिए अन्यथा अपराध के अंतर्गत नहीं आएगा। दूध में पानी मिलाना कोई अपराध नहीं है क्योंकि इससे किसी बीमारी का खतरा नहीं होता।

उदाहरण

जुनेद पैसा कमाने के उद्देश्य से कीटाणु युक्त ताड़ी बेचता है जुनेद दूषित पेय बेचने का अपराधी है।

दंड का प्रावधान

मिलावटी या दूषित खाने पीने की चीजों को बेचने का दंड 6 महीने तक का कारोबार या ₹1000 तक का जुर्माना या दोनों हो सकता है।

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