नुकसान पहुंचाना

 क्या नुकसान पहुंचाना अपराध है ?

भारतीय दंड संहिता की धारा 225 से 240 तक

जानबूझकर किसी व्यक्ति को या जनता को नुकसान पहुंचाने की नियत से किसी संपत्ति को नष्ट करना या परिवर्तित करना एक अपराध है। इस अपराध को शरारत भी कह सकते हैं। अपराध का अपराधी स्वयं लाभ लेने की नियत से नहीं बल्कि दूसरे को नुकसान पहुंचाने की नियत से अपराध करता है। संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मतलब है कि उस संपत्ति से किसी को वंचित करना, संपत्ति को नष्ट करना या उसके रूप को बदलना जिससे उस संपत्ति को क्षति पहुंचे और उसकी उपयोगिता या मूल्य कम हो जाए, जैसे दूसरों के पालतू जानवर को जहर दे देना, सिंचाई के पानी की दिशा बदल देना, सड़क या पुल आदि को नुकसान पहुंचाना, जिससे उन पर लोगों की यात्रा असुरक्षित हो जाए।

उदाहरण

1. एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति की कीमती अंगूठी उठाकर नदी में फेंक देता है। उस व्यक्ति ने नुकसान पहुंचाने का अपराध किया है।

2. एक व्यक्ति बहुत सारी गाय- भैंसे दूसरे व्यक्ति के खेत में छोड़ देता है। जिससे गाय भैंस ही उसकी सारी फसल खा जाए या नष्ट कर दें। उस व्यक्ति ने नुकसान पहुंचाने का अपराध किया है।

दंड का प्रावधान

नुकसान के अनुपात के अनुसार दंड हो सकता है। दंड 3 महीने से लेकर 10 वर्ष तक का कारावास और जुर्माना हो सकता है।

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