हमला करना

क्या हमला करना अपराध है?

भारतीय दंड संहिता की धारा 351 से 358

जरूरी नहीं है कि जब तक किसी को मारा पीटा ना जाए अपराध नहीं होता है। हाव भाव से ही किसी को डराना भी अपराध है। जैसे किसी की तरफ मुक्का घुमाते हुए चढ़ना, जिससे ऐसा लगे कि बस अब वह मारने वाला है, हमला करने का अपराध है। इस अपराध में यह जरूरी नहीं है कि किसी को नुकसान पहुंचाया ही जाए। धमकी मात्र ही इस अपराध के लिए पर्याप्त है, जैसे भरी हुई बंदूक किसी पर तानना।

उदाहरण

1. एक व्यक्ति डंडा उठाते हुए दूसरे व्यक्ति से कहता है कि मैं अभी तुम्हें पीट दूंगा और  वह डंडा इस प्रकार तांनता है कि लगता है जैसे अभी मार देगा। इस प्रकार डंडा तानन भी हमला करने का अपराध है।

2. एक व्यक्ति बड़ा सा पत्थर उठाकर दूसरे व्यक्ति की तरफ दौड़ता है। लगता है जैसे अभी फेंक कर मार देगा। वह व्यक्ति हमला करने का अपराध करता है।

दंड का प्रावधान

इस अपराध का दंड 3 महीने तक का कारावास या ₹500 जुर्माना या दोनों हो सकता है।

यदि गंभीर अपराध करने के लिए हमला किया जाता है तो दंड भी गंभीर होता है, जो 2 साल तक का कारावास या जुर्माना या दोनों हो सकता है।

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