साइबर आतंकवाद

 साइबर आतंकवाद किसे कहते हैं ?

 आई.टी.एक्ट 2000 की धारा 66- एफ

द आई.टी.एक्ट 2000 की धारा 66- एफ  के तहत यदि कोई देश की एकता, अखंडता, सुरक्षा या संप्रभुता को खतरा पहुंचाने के उद्देश्य से या लोगों में आतंक फैलाने के उद्देश्य से किसी कंप्यूटर सिस्टम को प्रभावित करता है, जैसे- कंप्यूटर सिस्टम पर जबरदस्ती कब्जा करना, उससे छेड़छाड़ करना, या उसे बिगाड़ना, और यह सब करते समय उसके कारण किसी की मृत्यु हो जाती है या हो सकती है, चोट लगती है, संपत्ति को नुकसान होता है, या आवश्यक जन सेवाओं को बाधा पहुंचती है तो उस व्यक्ति को साइबर आतंक आपराधिक माना जाएगा। यह अपराध देश में अशांति, अराजकता फैला कर किसी दूसरे देश या विदेशी गुट को लाभ पहुंचाने के लिए किया जाता है। ऐसा  अपराध करने का षड्यंत्र भी अपराध है।

दंड का प्रावधान

आजीवन कारावास तक हो सकता है।

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