Section 45A Negotiable Instruments Act, 1881

 

Section 45A Negotiable Instruments Act, 1881 in Hindi and English 



Section 45A Negotiable Instruments Act, 1881 :Where a bill of exchange has been lost before it is overdue, the person who was the holder of it may apply to the drawer to give him another bill of the same tenor, giving security to the drawer, if required, to indemnify him against all persons whatever in case the bill alleged to have been lost shall be found again.

If the drawer on request as aforesaid refuses to give such duplicate bill, he may be compelled to do so.




Supreme Court of India Important Judgments And Case Law Related to Section 45A of Negotiable Instruments Act, 1881 :

Branch Manager,Federal Bank Ltd vs N.S.Sabastian on 7 January, 2009

State Bank Of India And Ors. vs Soya Udyog Ltd. on 21 November, 2002



परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 45क का विवरण :  - जहाँ कि विनिमय-पत्र अतिशोध्य होने के पूर्व खो गया है वहाँ जो व्यक्ति उसका धारक था वह उसके लेखीवाल को इस बात के लिए कि जिस विनिमय-पत्र को खो जाना अभिकथित है, उसके पुनः पाए जाने की दशा में सन्न व्यक्तियों के विरुद्ध, चाहे वे कोई भी हों, लेखीवाल की क्षतिपूर्ति की जाएगी प्रतिभूति यदि वह अपेक्षित न जा देकर अपने को वैसा ही दूसरा विनिमय-पत्र देने के लिए आवेदन कर सकेगा ।

यदि लेखीवाल पूर्वोक्त जैसी प्रार्थना पर विनिमय-पत्र की ऐसी दूसरी प्रति देने से इंकार करे तो वह ऐसा करने के लिए विवश किया जा सकेगा ।



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