Section 106 The Army Act, 1950

 

Section 106 The Army Act, 1950 in Hindi and English 


Section 106 The Army Act, 1950  :Inquiry into absence without leave.

(1) When any person subject to this Act has been absent from his duty without due authority for a period of thirty days, a court of inquiry shall, as soon as practicable, be assembled, and such court  shall, on oath or affirmation administered in the prescribed manner, inquire respecting the absence of the person, and the deficiency, if any, in the property of the Government entrusted to his care, or in any arms, ammunition, equipment, instruments, clothing or necessaries; and if satisfied of the fact of such absence without due authority or other sufficient cause, the court shall declare such absence and the period thereof, and the said deficiency, if any, and the commanding officer of the corps or department to which the person belongs shall enter in the court- martial book of the corps or department a record of the declaration.

(2) If the person declared absent does not afterwards surrender or is not apprehended, he. shall, for the purposes of this Act, be deemed to be a deserter.



Supreme Court of India Important Judgments And Case Law Related to Section 106 of The Army Act, 1950  :

Capt. Virendra Kumar Through His vs Chief Of The Army Staff, New Delhi on 13 February, 1986

Lt. Col. Prithi Pal Singh Bedi Etc vs Union Of India & Others on 25 August, 1982



सेना अधिनियम, 1950 की धारा 106 का विवरण :  -  छुट्टी बिना अनुपस्थित रहने की जांच - (1) जबकि इस अधिनियम के अध्यधीन का कोई व्यक्ति सम्यक् प्राधिकार के बिना तीस दिन की कालावधि पर्यन्त अपने कर्तव्य से अनुपस्थित रहा है तब तक जांच अधिकरण यथासाध्य शीघ्र समवेत किया जाएगा और वह अधिकरण उस व्यक्ति की अनुपस्थिति के बारे में और उसकी देखरेख के लिए न्यस्त की हुई सरकारी सम्पत्ति में या किन्हीं आयुधों, गोलाबारूद, उपस्कर, उपकरणों, कपड़ों या आवश्यक वस्तुओं में हुई कमी (यदि कोई हो) के बारे में जांच विहित रीति से दिलाई गई शपथ या कराए गए प्रतिज्ञान पर करेगा, और यदि उसका इस तथ्य की बाबत समाधान हो जाए कि अनुपस्थिति सम्यक् प्राधिकार या अन्य पर्याप्त हेतुक के बिना हुई है तो अधिकरण उस उपस्थिति और उसकी कालावधि की तथा उक्त कमी की (यदि कोई हो) घोषणा करेगा तथा उस कोर या विभाग का, जिसका वह व्यक्ति अंग है, कमान आफिसर उस घोषणा के अभिलेख को उस कोर या विभाग की सेना - न्यायालय पुस्तिका में प्रविष्ट करेगा।

(2) यदि वह व्यक्ति जो अनुपस्थित घोषित किया गया है तत्पश्चात् न तो अभ्यर्पण करता है और न पकड़ा जाता है तो वह इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए अभित्याजक समझा जाएगा।



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