Section 183 The Army Act, 1950

Section 183 The Army Act, 1950 in Hindi and English 

Section 183 The Army Act, 1950  :Orders pending suspension.

(1) Where the sentence referred to in section 182 is imposed by a court- martial other than a summary court- martial, the confirming officer may, when confirming the sentence, direct that the offender be not committed to prison or to military custody until the orders of the authority or officer specified in section 182 have been obtained.

(2) Where a sentence of imprisonment is imposed by a summary court- martial, the officer holding the trial or the officer authorised to approve of the sentence under sub- section (2) of section 161 may make the direction referred to in sub- section (1).

Supreme Court of India Important Judgments And Case Law Related to Section 183 of The Army Act, 1950  :

सेना अधिनियम, 1950 की धारा 183 का विवरण :  -  निलम्बन के लम्बित रहने तक आदेश — (1) जहां कि धारा 182 में निर्दिष्ट दण्डादेश, सम्मरी सेना-न्यायालय से भिन्न सेना-न्यायालय द्वारा अधिरोपित किया जाता है, वहां पुष्टिकर्ता आफिसर दण्डादेश की पुष्टि करते समय निदेश दे सकेगा कि अपराधी को कारागार के या सैनिक अभिरक्षा के सुपुर्द तब तक न किया जाए जब तक कि धारा 182 में विनिर्दिष्ट प्राधिकारी या आफिसर के आदेश अभिप्राप्त न कर लिए जाएं।

(2) जहां कि कारावास का दण्डादेश किसी सम्मरी सेना-न्यायालय द्वारा अधिरोपित किया जाता है, वहां विचारण करने वाला आफिसर या दण्डादेश की धारा 161 की उपधारा (2) के अधीन अनुमोदित करने के लिए प्राधिकृत आफिसर उपधारा (1) में निर्दिष्ट निदेश दे सकेगा।

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