Section 187 The Army Act, 1950

 

Section 187 The Army Act, 1950 in Hindi and English 



Section 187 The Army Act, 1950  :Reconsideration of case after suspension.

(1) Where a sentence has been suspended, the case may at any time, and shall at intervals of not more than four months, be reconsidered by the authority or officer specified in section 182, or by any general or other officer not below the rank of field officer duly authorised by the authority or officer specified in section 182.

(2) Where on such reconsideration by the officer so authorised it appears to him that the conduct of the offender since his conviction has been such as to justify a remission of the sentence, he shall refer the matter to the authority or officer specified in section 182.



Supreme Court of India Important Judgments And Case Law Related to Section 187 of The Army Act, 1950  :



सेना अधिनियम, 1950 की धारा 187 का विवरण :  - निलम्बन के पश्चात् मामले पर पुनर्विचार — (1) जहां कि कोई दण्डादेश निलम्बित किया गया है, वहां धारा 182 में विनिर्दिष्ट प्राधिकारी या आफिसर द्वारा या धारा 182 में विनिर्दिष्ट प्राधिकारी या आफिसर द्वारा सम्यक रूप से प्राधिकृत किसी ऐसे जनरल या अन्य आफिसर द्वारा, जो फील्ड आफिसर के रैंक से अनिम्न रैंक का है, मामले पर पुनिर्वचार किसी भी समय किया जा सकेगा और चार मास से अनधिक अन्तरालों पर किया जाएगा।

(2) जहां कि ऐसे प्राधिकृत आफिसर द्वारा किसी ऐसे पुनर्विचार पर उसे यह प्रतीत होता है कि अपराधी का आचरण दोषसिद्ध के पश्चात् ऐसा रहा है कि दण्डादेश का परिहार करना न्यायोचित होगा, वहां वह मामले को धारा 182 में विनिर्दिष्ट प्राधिकारी या आफिसर को निर्देशित करेगा।



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