Section 158 Indian Evidence Act 1872


Section 158 Indian Evidence Act 1872 in Hindi and English 

Section 158 Evidence Act 1872 :What matters may be proved in connection with proved statement relevant under section 32 or 33 -- Whenever any statement, relevant under section 32 or 33, is proved, all matters may be proved, either in order to contradict or to corroborate it, or in order to impeach or confirm the credit of the person by whom it was made, which might have been proved if that person had been called as a witness and had denied upon cross examination the truth of the matter suggested.

Supreme Court of India Important Judgments And Case Law Related to Section 158 Indian Evidence Act 1872:

Mst. Ramrati Kuer vs Dwarika Prasad Singh And Ors on 24 August, 1966

भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 की धारा 158 का विवरण :  -  साबित कथन के बारे में, जो कथन धारा 32 या 33 के अधीन सुसंगत है, कौन-सी बातें साबित की जा सकेंगी -- जब कभी कोई कथन, जो धारा 32 या 33 के अधीन सुसंगत है, साबित कर दिया जाए, तब चाहे उसके खण्डन के लिए या सम्पुष्टि के लिए या जिसके द्वारा वह किया गया था उस व्यक्ति की विश्वसनीयता को अधिक्षिप्त या पुष्ट करने के लिए वे सभी बातें साबित की जा सकेंगी, जो यदि वह व्यक्ति साक्षी के रूप में बुलाया गया हो और उसने प्रतिपरीक्षा में सुझाई हुई बात की सत्यता का प्रत्याख्यान किया होता, तो साबित की जा सकती।

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