Section 157 Contract Act 1872


Section 157 Contract Act 1872 in Hindi and English 

Section 157 Contract Act 1872 :Effect of mixture, without bailor's consent, when the goods cannot be separated — If the bailee, without the consent of the bailor, mixes the goods of the bailor with his own goods in such a manner that it is impossible to separate the goods bailed from the other goods and deliver them back, the bailor is entitled to be compensated by the bailee for the loss of the goods.


A bails a barrel of Cape flour worth Rs. 45 to B. B, without As consent, mixes the flour with country flour of his own, worth only Rs. 25 a barrel. B must compensate A for the loss of his flour.

Supreme Court of India Important Judgments And Case Law Related to Section 157 of Contract Act 1872 :

भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 157 का विवरण :  -   जबकि माल पृथक् न किए जा सकते हों तब उपनिहिती की सम्मति के बिना किए गए मिश्रण का प्रभाव -- यदि उपनिहिती, उपनिधाता की सम्मति के बिना उपनिधाता के माल को अपने माल के साथ ऐसे प्रकार से मिश्रित कर दे कि उपनिहित माल को अन्य माल से पृथकू करना और उसे वापस परिदत्त करना असम्भव हो तो उपनिधाता उस माल की हानि के लिए उपनिहिती से प्रतिकर पाने का हकदार है।


'क' 45 रुपये कीमत के केप के आटे का बैरल 'ख' के पास उपनिहित करता है। 'क' की सम्मति के बिना ‘ख’ उस आटे को केवल 25 रुपये प्रति बैरल के अपने देशी आटे के साथ मिश्रित करता है। 'क' को उसके आटे की हानि के लिए ‘ख’ प्रतिकर देगा।

To download this dhara / Section of Contract Act in pdf format use chrome web browser and use keys [Ctrl + P] and save as pdf.


Popular posts from this blog

100 Questions on Indian Constitution for UPSC 2020 Pre Exam

भारतीय संविधान से संबंधित 100 महत्वपूर्ण प्रश्न उतर

संविधान की प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख | Characteristics of the Constitution of India