Section 9 The Trade Marks Act, 1999

 

Section 9 The Trade Marks Act, 1999: 

Absolute grounds for refusal of registration.—

(1) The trade marks—

(a) which are devoid of any distinctive character, that is to say, not capable of distinguishing the goods or services of one person from those of another person;

(b) which consist exclusively of marks or indications which may serve in trade to designate the kind, quality, quantity, intended purpose, values, geographical origin or the time of production of the goods or rendering of the service or other characteristics of the goods or service;

(c) which consist exclusively of marks or indications which have become customary in the current language or in the bona fide and established practices of the trade, shall not be registered: Provided that a trade mark shall not be refused registration if before the date of application for registration it has acquired a distinctive character as a result of the use made of it or is a well-known trade mark.

(2) A mark shall not be registered as a trade mark if—

(a) it is of such nature as to deceive the public or cause confusion;

(b) it contains or comprises of any matter likely to hurt the religious susceptibilities of any class or section of the citizens of India;

(c) it comprises or contains scandalous or obscene matter;

(d) its use is prohibited under the Emblems and Names (Prevention of Improper Use) Act, 1950 (12 of 1950).

(3) A mark shall not be registered as a trade mark if it consists exclusively of—

(a) the shape of goods which results from the nature of the goods themselves; or

(b) the shape of goods which is necessary to obtain a technical result; or

(c) the shape which gives substantial value to the goods. Explanation.—For the purposes of this section, the nature of goods or services in relation to which the trade mark is used or proposed to be used shall not be a ground for refusal of registration.



Supreme Court of India Important Judgments And Leading Case Law Related to Section 9 The Trade Marks Act, 1999: 

The Imperial Tobacco Co. Of India vs The Registrar Of Trade Marks And on 14 June, 1977

Ram Rakhpal vs Amrit Dhara Pharmacy And Ors. on 14 December, 1956

United Iron And Steel Works vs Government Of India, Trade Marks  on 3 August, 1966

Rajinder Kumar Aggarwal vs Union Of India (Uoi) And Anr. on 9 July, 2007

Aggarwal Sweet Palace And Ors. vs Assistant Registrar Of Trade on 9 September, 2004



व्यापार चिह्न अधिनियम, 1999 की धारा 9 का विवरण : रजिस्ट्रीकरण से इंकार करने के लिए आत्यंतिक आधार-ऐसे व्यापार चिह्नों का-

(क) जिनका कोई सुभिन्न स्वरूप नहीं है, अर्थात् जो किसी व्यक्ति के माल या सेवाओं का उनसे सुभेद करने में समर्थ नहीं है, जो किसी अन्य व्यक्ति के माल या सेवाएं हैं ;

(ख) जिनमें अनन्यतः ऐसे चिह्न या उपदर्शन दिए गए हैं जो व्यापार में माल के उत्पादन या सेवओं के दिए जाने के प्रकार, क्वालिटी, मात्रा, आशयित प्रयोजन, मूल्य, भौगोलिक उद्भव या समय या माल अथवा सेवा की अन्य विशिष्टताओं को अभिहित करने में काम आएं ;

(ग) जिनमें अनन्यतः ऐसे चिह्न या उपदर्शन हैं जो इस समय प्रचलित भाषा में या व्यापार की सद्भाविक और स्थापित पद्धति में रूढ़िगत हो गए हैं,

रजिस्ट्रीकरण नहीं किया जाएगा :

परन्तु किसी व्यापार चिह्न के रजिस्ट्रीकरण से इंकार नहीं किया जाएगा यदि रजिस्ट्रीकरण के आवेदन की तारीख के पूर्व उसके उपयोग के परिणामस्वरूप उसका एक सुभिन्न स्वरूप हो गया है या वह एक सुविख्यात व्यापार चिह्न है(2) कोई चिह्न व्यापार चिह्न के रूप में रजिस्ट्रीकृत नहीं किया जाएगा, यदि,

(क) वह ऐसी प्रकृति का है जिससे जनसाधारण को धोखा या भ्रम हो सकता है ;

(ख) उसमें ऐसी कोई बात अंतर्विष्ट है या समाविष्ट है जिससे भारत के नागरिकों के किसी वर्ग या भाग की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने की संभावना है ;

(ग) उसमें कंलकात्मक या अश्लील सामग्री समाविष्ट या अन्तर्विष्ट है ;

(घ) उसका उपयोग संप्रतीक और नाम (अनुचित प्रयोग निवारण) अधिनियम, 1950 (1950 का 12) के अधीन प्रतिषिद्ध है ।

(3) कोई चिह्न, व्यापार चिह्न के रूप में रजिस्ट्रीकृत नहीं किया जाएगा यदि उसमें अनन्य रूप से निम्नलिखित है,-

(क) माल का आकार जो स्वयं माल की प्रकृति के परिणामस्वरूप है ; या

(ख) माल का आकार जो तकनीकी परिणाम अभिप्राप्त करने के लिए आवश्यक है ; या

(ग) वह आकार जो उस माल को सारवान् मूल्य प्रदान करता है ।

स्पष्टीकरण-इस धारा के प्रयोजनों के लिए, ऐसे मालों या सेवाओं की प्रकृति जिनके संबंध में व्यापार चिह्न प्रयुक्त हुआ है या प्रयोग किए जाने के लिए प्रस्तावित है, रजिस्ट्रीकरण की इंकारी के लिए कोई आधार नहीं होगी।



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