Section 60 The Trade Marks Act, 1999

 


Section 60 The Trade Marks Act, 1999: 

Adaptation of entries in register to amended or substituted classification of goods or services.—

(1) The Registrar shall not make any amendment of the register which would have the effect of adding any goods or classes of goods or services to those in respect of which a trade mark is registered (whether in one or more classes) immediately before the amendment is to be made or of antedating the registration of a trade mark in respect of any goods or services: Provided that this sub-section, shall not apply when the Registrar is satisfied that compliance therewith would involve undue complexity and that the addition or antedating, as the case may be, would not affect any substantial quantity of goods or services and would not substantially prejudice the rights of any person.

(2) A proposal so to amend the register shall be brought to the notice of the registered proprietor of the trade mark affected and advertised in the prescribed manner, and may be opposed before the Registrar by any person aggrieved on the ground that the proposed amendment contravenes the provisions of sub-section (1).



Supreme Court of India Important Judgments And Leading Case Law Related to Section 60 The Trade Marks Act, 1999: 

Creative Tours And Travels vs Intellectual Property Appellate on 4 May, 2016

Tube Investments Of India Ltd vs Bsa-Regal Group Ltd on 23 December, 2009

Radico Khaitan Limited vs Carlsberg India Private Limited on 16 September, 2011

South African Breweries vs Mohan Goldwater Breweries Ltd. &  on 31 October, 2011

Woodlands Travels And Agencies  vs K. Vasudeva Rao And Anr. on 20 March, 2002



व्यापार चिह्न अधिनियम, 1999 की धारा 60 का विवरण : 

रजिस्टर की प्रविष्टियों का माल या सेवाओं के संशोधित या प्रतिस्थापित वर्गीकरण के लिए अनुकूलन-(1) रजिस्ट्रार, रजिस्टर में कोई ऐसा संशोधन नहीं करेगा जिसका प्रभाव संशोधन किए जाने के ठीक पहले उस माल या माल के वर्गों या सेवाओं में, जिनकी बाबत व्यापार चिह्न (चाहे एक या अधिक वर्गों में) रजिस्ट्रीकृत है, किसी माल या माल के वर्गों या सेवाओं को जोड़ना होगा या किसी माल या सेवाओं की बाबत व्यापार चिह्न के रजिस्ट्रीकरण को पूर्व दिनांकित करना होगा:

परंतु यह उपधारा तब लागू नहीं होगी, जब रजिस्ट्रार का यह समाधान हो जाता है कि उसके अनुपालन में असम्यक् जटिलताएं हैं और, यथास्थिति, वैसे जोड़े जाने या पूर्व दिनांकन से माल या सेवाओं का पर्याप्त परिणाम प्रभावित नहीं होगा और किसी व्यक्ति के अधिकारों पर पर्याप्ततः प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालेगा ।

(2) रजिस्टर को इस प्रकार संशोधित करने की प्रस्थापना प्रभावित व्यापार चिह्न के रजिस्ट्रीकृत स्वत्वधारी को सूचित की जाएगी और विहित रीति में विज्ञापित की जाएगी और कोई भी व्यथित व्यक्ति रजिस्ट्रार के समक्ष इस आधार पर विरोध कर सकेगा कि प्रस्थापित संशोधन उपधारा (1) के उपबंधों का उल्लंघन करता है ।



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