Section 78 The Trade Marks Act, 1999

 


Section 78 The Trade Marks Act, 1999: 

Rights conferred by registration of certification trade marks.—

(1) Subject to the provisions of sections 34, 35 and 76, the registration of a person as a proprietor of certification trade mark in respect of any goods or services shall, if valid, give to that person the exclusive right to the use of the mark in relation to those goods or services.

(2) The exclusive right to the use of a certification trade mark given under sub-section (1) shall be subject to any conditions and limitations to which the registration is subject.


Supreme Court of India Important Judgments And Leading Case Law Related to Section 78 The Trade Marks Act, 1999: 

Vishwa Mitter vs O. P. Poddar And Others on 30 September, 1983

Vishwa Mitter Of Vijay Bharat vs O.P. Poddar And Ors. on 30 September, 1983

State Of U.P vs Ram Nath, Partner M/S. Panna Lal on 24 November, 1971

Raveendran. K & Anr vs Excise Inspector, Vadakara & Anr on 21 October, 2008



व्यापार चिह्न अधिनियम, 1999 की धारा 78 का विवरण : 

प्रमाणीकरण व्यापार चिह्न के रजिस्ट्रीकरण द्वारा प्रदत्त अधिकार-(1) धारा 34, धारा 35 और धारा 76 के उपबंधों के अधीन किसी माल या किन्हीं सेवाओं की बाबत किसी व्यक्ति के प्रमाणीकरण व्यापार चिह्न के स्वत्वधारी के रूप में रजिस्ट्रीकरण से, यदि वह विधिमान्य है तो, उस व्यक्ति को उस माल या उन सेवाओं की बाबत उस चिह्न के उपयोग का अनन्य अधिकार प्राप्त होगा ।

(2) उपधारा (1) के अधीन प्रमाणीकरण व्यापार चिह्न के उपयोग का अनन्य अधिकार उन शर्तों और मर्यादाओं के अधीन होगा जिनके अधीन रजिस्ट्रीकरण है

 


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