Section 34 The Trade Marks Act, 1999

 


Section 34 The Trade Marks Act, 1999

Saving for vested rights.—Nothing in this Act shall entitle the proprietor or a registered user of registered trade mark to interfere with or restrain the use by any person of a trade mark identical with or nearly resembling it in relation to goods or services in relation to which that person or a predecessor in title of his has continuously used that trade mark from a date prior—

(a) to the use of the first-mentioned trade mark in relation to those goods or services be the proprietor or a predecessor in title of his; or

(b) to the date of registration of the first-mentioned trade mark in respect of those goods or services in the name of the proprietor of a predecessor in title of his; whichever is the earlier, and the Registrar shall not refuse (on such use being proved), to register the second mentioned trade mark by reason only of the registration of the first mentioned trade mark.




Supreme Court of India Important Judgments And Leading Case Law Related to Section 34 The Trade Marks Act, 1999: 

Vishnudas Trading As Vishnudas vs The Vazir Sultan Tobaccoco. Ltd. on 9 July, 1996

Ruston & Hornsby Ltd vs The Zamindara Engineering Co on 8 September, 1969

Union Of India vs Association Of Unified Telecom on 24 October, 2019

M/S. Nandhini Deluxe vs M/S. Karnataka Cooperative Milk  on 26 July, 2018

Neon Laboratories Ltd vs Medical Technologies Ltd. & Ors on 5 October, 2015



व्यापार चिह्न अधिनियम, 1999 की धारा 34 का विवरण : 

निहित अधिकारों की व्यावृत्ति-इस अधिनियम की कोई बात किसी रजिस्ट्रीकृत व्यापार चिह्न के स्वत्वधारी या रजिस्ट्रीकृत उपयोक्ता को इस बात के लिए हकदार नहीं बनाएगी कि वह उस व्यापार चिह्न के तद्रूप या निकट सादृश्य रखने वाले किसी व्यापार चिह्न के किसी व्यक्ति द्वारा उन मालों या सेवाओं के संबंध में उपयोग करने में हस्तक्षेप करे या उपयोग करने का अवरोध करे, जिनके संबंध में वह व्यक्ति या उसका हक पूर्वाधिकारी उस व्यापार चिह्न को, निम्नलिखित तारीखों में से जो भी पूर्वतर तारीख हो, उससे लगातार उपयोग में लाता रहा है,-

(क) उन मालों या सेवाओं के संबंध में प्रथम वर्णित व्यापार चिह्न को स्वत्वधारी या उसके हक पूर्वाधिकारी द्वारा उपयोग में लाने की तारीख, या

(ख) स्वत्वधारी या उसके हक पूर्वाधिकारी के नाम उन मालों या सेवाओं के बारे में प्रथम वर्णित व्यापार चिह्न के रजिस्ट्रीकरण की तारीख,

और रजिस्ट्रार (ऐसा उपयोग साबित हो जाने पर) प्रथम वर्णित व्यापार चिह्न के रजिस्ट्रीकरण के ही कारण द्वितीय वर्णित व्यापार चिह्न को रजिस्टर करने से इन्कार नहीं करेगा ।



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