Section 67 The Trade Marks Act, 1999

 


Section 67 The Trade Marks Act, 1999: 

 Infringement proceedings by registered proprietor of collective mark.—In a suit for infringement instituted by the registered proprietor of a collective mark as plaintiff the court shall take into account any loss suffered or likely to be suffered by authorised users and may give such directions as it thinks fit as to the extent to which the plaintiff shall hold the proceeds of any pecuniary remedy on behalf of such authorised users.



Supreme Court of India Important Judgments And Leading Case Law Related to Section 67 The Trade Marks Act, 1999: 


व्यापार चिह्न अधिनियम, 1999 की धारा 67 का विवरण : 

सामूहिक चिह्न के रजिस्ट्रीकृत स्वत्वधारी द्वारा अतिलंघन की कार्यवाहियां-वादी के रूप में सामूहिक चिह्न के रजिस्ट्रीकृत स्वत्वधारी द्वारा संस्थित अतिल्लंघन के वाद में न्यायालय प्राधिकृत उपयोक्ता को हुई किसी हानि या होने के लिए संभाव्य किसी हानि को हिसाब में लेगा और ऐसे निदेश दे सकेगा, जो वह इस बारे में ठीक समझे कि ऐसे प्राधिकृत उपयोक्ता की ओर से किसी धनीय उपचार के आगमों को वादी किस विस्तार तक धारित करेगा ।



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