Section 92 CrPC

 Section 92 CrPC in Hindi and English


Section 92 of CrPC 1973 :- 92. Procedure as to letters and telegrams -(1) If any document, parcel or thing in the custody of a postal or telegraph authority is, in the opinion of the District Magistrate, Chief Judicial Magistrate, Court of Session or High Court wanted for the purpose of any investigation, inquiry, trial or other proceeding under this Code, such Magistrate or Court may require the postal or telegraph authority, as the case may be, to deliver the document, parcel or thing to such person as the Magistrate or Court directs.

(2) If any such document, parcel or thing is, in the opinion of any other Magistrate, whether Executive or Judicial, or of any Commissioner of Police or District Superintendent of Police, wanted for any such purpose, he may require the postal or telegraph authority, as the case may be, to cause search to be made for and to detain such document, parcel or thing pending the order of a District Magistrate, Chief Judicial Magistrate or Court under sub-section (1).



Supreme Court of India Important Judgments And Case Law Related to Section 92 of Criminal Procedure Code 1973:

Syed Mohd. Salie Labbai (Dead) By  vs Mohd. Hanifs (Dead) By L.Rs. And on 22 March, 1976

State Of West Bengal vs Rashmoy Das And Ors on 1 December, 1999



दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 92 का विवरण :  -  92. पत्रों और तारों के संबंध में प्रक्रिया -- (1) यदि किसी जिला मजिस्ट्रेट, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सेशन न्यायालय या उच्च न्यायालय की राय में किसी डाक या तार प्राधिकारी की अभिरक्षा की कोई दस्तावेज, पार्सल या रीज इस संहिता के अधीन किसी अन्वेषण, जांच, विचारण या अन्य कार्यवाही के प्रयोजन के लिए चाहिए तो वह रजिस्ट्रेट या न्यायालय, यथास्थिति, डाक या तार प्राधिकारी से यह अपेक्षा कर सकता है कि उस दस्तावेज, पार्सल या चीज का परिदान उस व्यक्ति को, जिसका वह मजिस्ट्रेट या न्यायालय निदेश दे कर दिया जाए।

(2) यदि किसी अन्य मजिस्ट्रेट की, चाहे वह कार्यपालक है या न्यायिक, या किसी पुलिस आयुक्त या जिला पुलिस अधीक्षक की राय में ऐसी कोई दस्तावेज, पार्सल या चीज ऐसे किसी प्रयोजन के लिए चाहिए तो वह, यथास्थिति, डाक या तार प्राधिकारी से अपेक्षा कर सकता है कि वह ऐसी दस्तावेज, पार्सल या चीज के लिए तलाशी कराए और उसे उपधारा (1) के अधीन जिला मजिस्ट्रेट, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट या न्यायालय के आदेशों के मिलने तक निरुद्ध रखे।



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