Section 62 Indian Evidence Act 1872

 


Section 62 Indian Evidence Act 1872 in Hindi and English 



Section 62 Evidence Act 1872 :Primary evidence -- Primary evidence means the document itself produced for the inspection of the Court.

Explanation 1 -- Where a document is executed in several parts, each part is primary evidence of the document.

Where a document is executed in counterpart, each counterpart being executed by one or some of the parties only, each counterpart is primary evidence as against the parties executing it.

Explanation 2 -- Where a number of documents are all made by one uniform process, as in the case of printing, lithography or photography, each is primary evidence of the contents of the rest; but, where they are all copies of a common original, they are not primary evidence of the contents of the original.


Illustration

A person is shown to have been in possession of a number of a placards, all printed at one time from one original. Any one of the placards is primary evidence of the contents of any other, but no one of them is primary evidence of the contents of the original.



Supreme Court of India Important Judgments And Case Law Related to Section 62 Indian Evidence Act 1872:

Arjun Panditrao Khotkar vs Kailash Kushanrao Gorantyal on 14 July, 2020

Prithi Chand vs State Of Himachal Pradesh on 17 January, 1989

State Of U.P. & Ors vs Saraya Industries Ltd on 12 May, 2006

State Rep. By The Drugs Inspector vs Manimaran on 30 November, 2018

Anvar P.V vs P.K.Basheer & Ors on 18 September, 2014

Cement Corporation Of India Ltd vs Purya & Ors on 7 October, 2004

Indian Agencies (Regd.),  vs Additional Commissioner Of on 16 December, 2004

Tukaram S.Dighole vs Manikrao Shivaji Kokate on 5 February, 2010

Vikram Singh @Vicky Walia vs The State Of Punjab on 7 July, 2017

Nand Ram(D) Th. Lrs. . vs Jagdish Prasad(D)Th.Lrs on 19 March, 2020



भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 की धारा 62 का विवरण :  -  प्राथमिक साक्ष्य -- प्राथमिक साक्ष्य से न्यायालय के निरीक्षण के लिए पेश की गई दस्तावेज स्वयं अभिप्रेत है।

स्पष्टीकरण 1 -- जहां कि कोई दस्तावेज कई मूल प्रतियों में निष्पादित है, वहां हर एक मूल प्रति उस दस्तावेज का प्राथमिक साक्ष्य है।

जहां कि कोई दस्तावेज प्रतिलेख में निष्पादित है और हर एक प्रतिलेख पक्षकारों में से केवल एक पक्षकार या कुछ पक्षकारों द्वारा निष्पादित किया गया है, वहां हर एक प्रतिलेख उन पक्षकारों के विरुद्ध, जिन्होंने उसका निष्पादन किया है, प्राथमिक साक्ष्य है।

स्पष्टीकरण 2 -- जहां कि अनेक दस्तावेजें एक रूपात्मक प्रक्रिया द्वारा बनाई गई है जैसा कि मुद्रण, शिलामुद्रण या फोटो चित्रण में होता है, वहां उनमें से हर एक शेष सबकी अन्तर्वस्तु का प्राथमिक साक्ष्य है, किन्तु जहां कि वे सब किसी सामान्य मूल की प्रतियाँ है वहां वे मूल की अन्तर्वस्तु का प्राथमिक साक्ष्य नहीं है।


दृष्टांत

यह दर्शित किया जाता है कि एक ही समय एक ही मूल से मुद्रित अनेक प्लेकार्ड किसी व्यक्ति के कब्जे में रखे हैं। इन प्लेकार्डों में से कोई भी एक अन्य किसी की भी अन्तर्वस्तु का प्राथमिक साक्ष्य है, किन्तु उनमें से कोई भी मूल की अंतर्वस्तु का प्राथमिक साक्ष्य नहीं है।


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