Section 87 Motor Vehicles Act, 1988

 


Section 87 Motor Vehicles Act, 1988 in Hindi and English



Section 87 of MV Act 1988 :- Temporary permits -- (1) A Regional Transport Authority and the State Transport Authority may without following the procedure laid down in section 80, grant permits, to be effective for a limited period which shall, not in any case exceed four months, to authorise the use of a transport vehicle temporarily --

(a) for the conveyance of passengers on special occasions such as to and from fairs and religious gatherings, or

(b) for the purposes of a seasonal business, or

(c) to meet a particular temporary need, or

(d) pending decision on an application for the renewal of a permit, and may attach to any such permit such condition as it may think fit :

Provided that a Regional Transport Authority or, as the case may be, State Transport Authority may, in the case of goods carriages, under the circumstances of an exceptional nature, and for reasons to be recorded in writing, grant a permit for a period exceeding four months, but not exceeding one year.

(2) Notwithstanding anything contained in sub-section (1), a temporary permit may be granted thereunder in respect of any route or area where --

(i) no permit could be issued under section 72 or section 74 or section 76 or section 79 in respect of that route or area by reason of an order of a court or other competent authority restraining the issue of the same, for a period not exceeding the period for which the issue of the permit has been so restrained; or

(ii) as a result of the suspension by a court or other competent authority of the permit of any vehicle in respect of that route or area, there is no transport vehicle of the same class with a valid permit in respect of that route or area, or there is no adequate number of such vehicles in respect of that route or area, for a period not exceeding the period of such suspension :

Provided that the number of transport vehicles in respect of which temporary permits are so granted shall not exceed the number of vehicles in respect of which the issue of the permits have been restrained or, as the case may be, the permit has been suspended. 



Supreme Court of India Important Judgments And Case Law Related to Section 87 of Motor Vehicles Act, 1988:

State Of Andhra Pradesh & Others vs B.Noorulla Khan & Another Etc on 6 May, 2004

State Of West Bengal & Ors vs Mani Bhushan Kumar on 11 October, 2011

B.R. Singh & Ors. Etc. Etc vs Union Of India &-Ors on 26 September, 1989

Gajraj Singh Etc vs The State Transport Appellate on 12 September, 1996

State Of U.P. & Others vs Sukhpal Singh Bal on 2 September, 2005

Kerala State Road Transport vs Baby P.P. on 16 May, 2018

Secretary, Quilon Distt., Motor vs Regional Transport Authority And on 18 August, 1994

Prakash Chandra Sahu vs State Transport Authority & Ors on 3 March, 1997



मोटर यान अधिनियम, 1988 की धारा 87 का विवरण :  -  अस्थाई परमिट -- (1) प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण और राज्य परिवहन प्राधिकरण धारा 80 में अधिकथित प्रक्रिया का अनुसरण किए बिना, ऐसे परमिट दे सकेंगे जो हर मामले में अधिक से अधिक चार मास की सीमित अवधि के लिए प्रभावी होंगे और जो अस्थाई रूप से परिवहन यान का उपयोग निम्नलिखित के लिए प्राधिकृत करेंगे, अर्थात् :-

(क) यात्रियों को विशेष अवसरों पर, जैसे मेलों और धार्मिक सम्मेलनों में, ले जाने और वहां से लाने के लिए; या

(ख) मौसमी कारबार के प्रयोजनों के लिए; या

(ग) किसी विशिष्ट अस्थाई आवश्यकता की पूर्ति के लिए; या

(घ) परमिट के नवीकरण के आवेदन पर विनिश्चय लंबित रहने तक के लिए, और ऐसे किसी परमिट पर ऐसी शर्ते लगा सकेंगे जो वे ठीक समझते हैं :  

परन्तु यथास्थिति, प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण या राज्य परिवहन प्राधिकरण, माल वाहकों की दशा में, असाधारण प्रकृति की परिस्थितियों के अधीन और उनके लिए जो कारण हैं उन्हें लेखबद्ध करके, चार मास से अधिक किन्तु एक वर्ष से अनधिक अवधि के लिए परमिट दे सकेंगे।

(2) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी, उस उपधारा के अधीन किसी मार्ग या क्षेत्र की बाबत अस्थाई परमिट--

(i) उस दशा में जिसमें उस मार्ग या क्षेत्र के लिए कोई परमिट किसी न्यायालय या अन्य सक्षम प्राधिकारी के ऐसे आदेश के कारण जिससे उसका दिया जाना रोक दिया गया है, धारा 72 या धारा 74 या धारा 76 या धारा 79 के अधीन नहीं दिया जा सकता, इतनी अवधि के लिए दिया जा सकेगा जितनी उससे अधिक न हो, जिसके लिए परमिट का दिया जाना ऐसे रोक दिया गया है, या

(ii) उस दशा में जिसमें उस मार्ग या क्षेत्र की बाबत किसी यान के परमिट को किसी न्यायालय या अन्य सक्षम प्राधिकारी द्वारा निलंबित किए जाने के परिणामस्वरूप उसी वर्ग के किसी परिवहन यान के पास उसी मार्ग या क्षेत्र की बाबत विधिमान्य परमिट नहीं है, अथवा उस मार्ग या क्षेत्र के लिए ऐसे यानों की संख्या पर्याप्त नहीं है, इतनी अवधि के लिए दिया जा सकेगा जितनी ऐसे निलंबन की अवधि से अधिक न हो :

परन्तु उन परिवहन यानों की संख्या, जिनकी बाबत अस्थाई परमिट इस प्रकार दिए गए हैं, उन यानों की संख्या से अधिक न होगी जिनकी बाबत, यथास्थिति, परमिटों का दिया जाना रोक दिया गया है या परमिट निलंबित कर दिया गया है । 



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