Section 86 Motor Vehicles Act, 1988

 

Section 86 Motor Vehicles Act, 1988 in Hindi and English


Section 86 of MV Act 1988 :-  Cancellation and suspension of permits -- (1) The transport authority which granted a permit may cancel the permit or may suspend it for such period as it thinks fit --

(a) on the breach of any condition specified in section 84 or of any condition contained in the permit; or

(b) if the holder of the permit uses or causes or allows a vehicle to be used in any manner not authorised by the permit; or

(c) if the holder of the permit ceases to own the vehicle covered by the permit; or if the holder of the permit has obtained the permit by fraud or misrepresentation; or

(e) if the holder of the goods carriage permit, fails without reasonable cause, to use the vehicle for the purposes for which the permit was granted; or

(f) if the holder of the permit acquires the citizenship of any foreign country :

Provided that no permit shall be suspended or cancelled unless an opportunity has been given to the holder of the permit to furnish his explanation.

(2) The transport authority may exercise the powers conferred on it under sub-section (1) in relation to a permit granted by any authority or person to whom power in this behalf has been delegated under sub-section (5) of section 68 as if the said permit was a permit granted by the transport authority.

(3) Where a transport authority cancels or suspends a permit, it shall give to the holder in writing its reasons for the action taken.

(4) The powers exercisable under sub-section (1) (other than the power to cancel a permit) by the transport authority which granted the permit may be exercised by any authority or person to whom such powers have been delegated under subsection (5) of section 68.

(5) Where a permit is liable to be cancelled or suspended under clause (a) or clause (b) or clause (e) of sub-section (1) and the transport authority is of opinion that having regard to the circumstances of the case, it would not be necessary or expedient so to cancel or suspend the permit if the holder of the permit agrees to pay a certain sum of money, then, notwithstanding anything contained in sub-section (1), the transport authority may, instead of cancelling or suspending the permit, as the case may be, recover from the holder of the permit the sum of money agreed upon.

(6) The powers exercisable by the transport authority under sub-section (5) may, where an appeal has been preferred under section 89, be exercised also by the appellate authority.

(7) In relation to a permit referred to in sub-section (9) of section 88, the powers exercisable under sub-section (1) (other than the power to cancel a permit) by the transport authority which granted the permit, may be exercised by any transport authority and any authority or persons to whom power in this behalf has been delegated under sub-section (5) of section 68, as if the said permit was a permit granted by any such authority or persons.



Supreme Court of India Important Judgments And Case Law Related to Section 86 of Motor Vehicles Act, 1988:

U.P. State Road Transport vs Assistant Comnr.Of Police on 12 February, 2009

State Of Andhra Pradesh & Others vs B.Noorulla Khan & Another Etc on 6 May, 2004

M.C. Mehta vs Union Of India & Ors. Etc on 20 November, 1997

M/S Sharma Transports vs State Of Maharashtra & Ors on 2 August, 2011

Municipal Council, Bhopal vs Sindhi Sahiti Multipurpose on 24 July, 1973

Surendra Kumar Bhilawe vs The New India Assurance Company on 18 June, 2020

State Of Karnataka & Ors vs N.Madappa & Ors. Etc on 2 May, 1996

National Insurance Co. Ltd vs Anjana Shyam & Ors on 20 August, 2007



मोटर यान अधिनियम, 1988 की धारा 86 का विवरण :  -   परमिटों का रद्द किया जाना और उनका निलंबन -- (1) जिस परिवहन प्राधिकरण ने परमिट दिया है वह निम्नलिखित दशाओं में परमिट रद्द कर सकेगा या इतनी अवधि के लिए निलंबित कर सकेगा जितनी वह ठीक समझे, अर्थात् :-

(क) धारा 84 में विनिर्दिष्ट किसी शर्त के या परमिट की किसी शर्त के भंग होने पर; या

(ख) यदि परमिट का धारक किसी यान का उपयोग किसी ऐसी रीति से करता है या कराता है या करने देता है, जो परमिट द्वारा प्राधिकृत नहीं है; या

(ग) यदि परमिट का धारक उस यान का स्वामी नहीं रह जाता है, जो परमिट के अंतर्गत है; या

(घ) यदि परमिट के धारक ने परमिट को कपट या दुर्व्यपदेशन द्वारा अभिप्राप्त किया है; या

(ङ) यदि माल वाहक परमिट का धारक, उचित कारण के बिना उस यान का उपयोग उन प्रयोजनों के लिए करने में असफल रहता है जिनके लिए परमिट दिया गया था: या

(च) यदि परमिट का धारक किसी विदेश की नागरिकता अर्जित कर लेता है :

परन्तु कोई भी परमिट तब तक निलंबित या रद्द नहीं किया जाएगा जब तक परमिट के धारक को अपना स्पष्टीकरण देने का अवसर न दे दिया गया हो ।

(2) परिवहन प्राधिकरण किसी ऐसे परमिट के संबंध में, जो ऐसे किसी प्राधिकरण या व्यक्ति द्वारा दिया गया है जिसे धारा 68 की उपधारा (5) के अधीन इस निमित्त शक्ति प्रत्यायोजित की गई है, उपधारा (1) के अधीन अपने को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग इस प्रकार कर सकेगा मानो उक्त परमिट, परिवहन प्राधिकरण द्वारा दिया गया परमिट हो 

(3) जहां परिवहन प्राधिकरण किसी परमिट को रद्द या निलंबित करता है वहां वह की गई कार्रवाई के बारे में अपने कारण उसके धारक को लिखित रूप में देगा ।

(4) जिस परिवहन प्राधिकरण ने परमिट दिया था वह (परमिट रद्द करने की शक्ति से भिन्न) जिन शक्तियों का प्रयोग उपधारा (1) के अधीन कर सकता है उनका प्रयोग ऐसा कोई प्राधिकरण या व्यक्ति कर सकेगा जिसे ऐसी शक्तियां धारा 68 की उपधारा (5) के अधीन प्रत्यायोजित की गई हैं।

(5) जहां कोई परमिट उपधारा (1) के खंड (क) या खंड (ख) या खंड (ङ) के अधीन रद्द या निलंबित किए जाने योग्य है और परिवहन प्राधिकरण की यह राय है कि मामले की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए परमिट को इस प्रकार रद्द या निलंबित करना उस दशा में आवश्यक या समीचीन न होगा जब परमिट का धारक एक निश्चित धनराशि देने के लिए सहमत हो जाता है वहां उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी परिवहन प्राधिकरण, यथास्थिति, परमिट को रद्द या निलंबित करने के बजाय परमिट के धारक से वह धनराशि वसूल कर सकेगा जिसके बारे में सहमति हुई है ।

(6) जहां धारा 89 के अधीन अपील की गई है वहां परिवहन प्राधिकरण उपधारा (5) के अधीन जिन शक्तियों का प्रयोग कर सकता है उनका अपील प्राधिकारी भी प्रयोग कर सकेगा ।

(7) धारा 88 की उपधारा (9) में निर्दिष्ट परमिट के संबंध में, परमिट देने वाले परिवहन प्राधिकरण द्वारा उपधारा (1) के अधीन प्रयोक्तव्य (परमिट रद्द करने की शक्ति से भिन्न) शक्तियां, किसी भी परिवहन प्राधिकरण और किसी प्राधिकारी या व्यक्तियों द्वारा, जिनको इस निमित्त शक्ति धारा 68 की उपधारा (5) के अधीन प्रत्यायोजित की गई है, प्रयोग की जा सकेगी मानो उक्त परमिट किसी ऐसे प्राधिकारी या व्यक्तियों द्वारा दिया गया परमिट था ।



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