Section 63 CrPC

 Section 63 CrPC in Hindi and English



Section 63 of CrPC 1973 :- 63. Service of summons on corporate bodies and societies — Service of a summons on a corporation may be effected by serving it on the secretary, local manager or other principal officer of the corporation, or by letter sent by registered post, addressed to the chief officer of the corporation in India, in which case the service shall be deemed, to have been effected when the letter would arrive in ordinary course of post.


Explanation - In this section "corporation" means an incorporated company or other body corporate and includes a society registered under the Societies Registration Act, 1860 (21 of 1860).


Supreme Court of India Important Judgments And Case Law Related to Section 63 of Criminal Procedure Code 1973:

State Of Madhya Pradesh vs Shobharam And Ors on 22 April, 1966

State (Delhi Administration) vs Pali Ram on 26 September, 1978


दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 63 का विवरण :  -  63. निगमित निकायों और सोसायटियों पर समन की तामील -- किसी निगम पर समन की तामील निगम के सचिव, स्थानीय प्रबंधक या अन्य प्रधान अधिकारी पर तामील करके की जा सकती है या भारत में निगम के मुख्य अधिकारी के पते पर रजिस्ट्रीकृत डाक द्वारा भेजे गए पत्र द्वारा की जा सकती है, जिस दशा में तामील तब हुई समझी जाएगी जब डाक से साधारण रूप से वह पत्र पहुँचता।


 

स्पष्टीकरण -- इस धारा में “निगम" से निगमित कम्पनी या अन्य निगमित निकाय अभिप्रेत है और इसके अन्तर्गत सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1860 (1860 का 21) के अधीन रजिस्ट्रीकृत सोसायटी भी है।


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