Section 478 CrPC

 

Section 478 CrPC in Hindi and English



Section 478 of CrPC 1973 :- 478. Power to alter functions allocated to Executive Magistrates in certain cases —

If the Legislative Assembly of a State by a resolution so permits, the State Government may, after consultation with the High Court, by notification, direct that references in sections 108, 109, 110, 145 and 147 to an Executive Magistrate shall be construed as references to a Judicial Magistrate of the first class.



Supreme Court of India Important Judgments And Case Law Related to Section 478 of Criminal Procedure Code 1973:

Raghubir Prosad Dudhewalla vs Chamanlal Mehra & Anr on 10 May, 1963

P. C. Gulati vs Lajya Ram Kapur And Others on 19 August, 1965



दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 478 का विवरण :  -  478. कुछ दशाओं में कार्यपालक मजिस्ट्रेटों को सौंपे गए कृत्यों को परिवर्तित करने की शक्ति --

यदि किसी राज्य का विधान-मण्डल संकल्प द्वारा ऐसी अनुज्ञा देता है तो राज्य सरकार, उच्च न्यायालय से परामर्श करने के पश्चात्, अधिसूचना द्वारा यह निदेश दे सकेगी कि धारा 108, 109, 110, 145 और 147 में किसी कार्यपालक मजिस्ट्रेट के प्रति निर्देश का अर्थ यह लगाया जाएगा कि वह किसी प्रथम वर्ग न्यायिक मजिस्ट्रेट के प्रति निर्देश है।



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