Section 47 CrPC


Section 47 CrPC in Hindi and English

Section 47 of CrPC 1973 :- 47. Search of place entered by person sought to be arrested — (1) If any person acting under a warrant of arrest, or any police officer having authority to arrest, has reason  to believe that the person to be arrested has entered into, or is within, any place, any person residing in, or being in charge of, such place shall, on demand of such person acting as aforesaid or such police officer, allow him free ingress thereto and afford all reasonable facilities for a search therein.

(2) If ingress to such place cannot be obtained under sub-section (1), it shall be lawful in any case for a person acting under a warrant and in any case in which a warrant may issue, but cannot be obtained without affording the person to be arrested an opportunity of escape, for a police officer to enter such place and search therein and in order to effect an entrance into such place, to break open any outer or inner door or window of any house or place, whether that of the person to be arrested or of any other person, if after notification of his authority and purpose and demand of admittance duly made, he cannot otherwise obtain admittance :

Provided that, if any such place is an apartment in the actual occupancy of a female (not being the persons to be arrested) who, according to custom, does not appear in public, such person or police officer shall, before entering such apartment, give notice to such female that she is at liberty to withdraw and shall afford her every reasonable facility for withdrawing and may then break open the apartment and enter it.

(3) Any police officer or other person authorised to make an arrest may break open any outer or inner door or window of any house or place in order to liberate himself or any other person who, having lawfully entered for the purpose of making an arrest, is detained therein.

Supreme Court of India Important Judgments And Case Law Related to Section 47 of Criminal Procedure Code 1973:

M/S. Pushpa Sahkari Avas Samiti  vs M/S. Gangotri Sahkari Avas on 30 March, 2012

Keshardeo Chamria vs Radha Kissen Chamria And  on 30 October, 1952

Kailash Chandra vs State Of M.P on 30 November, 2007

Kailash Chandra vs State Of M.P on 30 November, 2007

Shew Bux Mohata And Others vs Bengal Breweries Ltd. And Others on 15 September, 1960

Uma Shanker (Dead) & Ors vs Sarabjeet (Dead) By Lrs. & Ors on 23 January, 1996

Naga People'S Movement, Of Human vs Union Of India on 27 November, 1997

Tofan Singh vs The State Of Tamil Nadu on 29 October, 2020

दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 47 का विवरण :  -  47. उस स्थान की तलाशी जिसमें ऐसा व्यक्ति प्रविष्ट हुआ है जिसकी गिरफ्तारी की जानी है -- (1) यदि गिरफ्तारी के वारण्ट के अधीन कार्य करने वाले किसी व्यक्ति को, या गिरफ्तारी करने के लिए प्राधिकृत  किसी पुलिस अधिकारी को, यह विश्वास करने का कारण है कि वह व्यक्ति जिसे गिरफ्तार किया जाना है, किसी स्थान में प्रविष्ट हुआ है, या उसके अन्दर है तो ऐसे स्थान में निवास करने वाला, या उस स्थान का भारसाधक कोई भी व्यक्ति, पूर्वोक्त रूप में कार्य करने वाले व्यक्ति द्वारा या ऐसे पुलिस अधिकारी द्वारा माँग की जाने पर उसमें उसे अबाध प्रवेश करने देगा और उसके अन्दर तलाशी लेने के लिए सब उचित सुविधाएँ देगा।

(2) यदि ऐसे स्थान में प्रवेश उपधारा (1) के अधीन नहीं हो सकता तो किसी भी मामले में उस व्यक्ति के लिए, जो वारण्ट के अधीन कार्य कर रहा है, और किसी ऐसे मामले में, जिसमें वारण्ट निकाला जा सकता है किन्तु गिरफ्तार किए जाने वाले व्यक्ति को भाग जाने का अवसर दिए बिना प्राप्त नहीं किया जा सकता, पुलिस अधिकारी के लिए यह विधिपूर्ण होगा कि वह ऐसे स्थान में प्रवेश करे और वहाँ तलाशी ले और ऐसे स्थान में प्रवेश कर पाने के लिए किसी गृह या स्थान के चाहे वह उस व्यक्ति का हो जिसे गिरफ्तार किया जाना है, या किसी अन्य व्यक्ति का हो, किसी बाहरी या भीतरी द्वार या खिड़की को तोड़कर खोल ले यदि अपने प्राधिकार और प्रयोजन की सूचना देने के तथा प्रवेश करने की सम्यक् रूप से माँग करने के पश्चात् वह अन्यथा प्रवेश प्राप्त नहीं कर सकता है:

परन्तु यदि ऐसा कोई स्थान ऐसा कमरा है जो (गिरफ्तार किए जाने वाले व्यक्ति से भिन्न) ऐसी स्त्री के वास्तविक अधिभोग में है जो रूढ़ि के अनुसार लोगों के सामने नहीं आती है तो ऐसा व्यक्ति या पुलिस अधिकारी उस कमरे में प्रवेश करने के पूर्व उस स्त्री को सूचना देगा कि वह वहाँ से हट जाने के लिए स्वतंत्र है और हट जाने के लिए उसे ये उचित सुविधा देगा और तब कमरे को तोड़कर खोल सकता है और उसमें प्रवेश कर सकता है।

(3) कोई पुलिस अधिकारी या गिरफ्तार करने के लिए प्राधिकृत अन्य व्यक्ति किसी गृह या स्थान का कोई बाहरी या भीतरी द्वार या खिड़की अपने को या किसी अन्य व्यक्ति को जो गिरफ्तार करने के प्रयोजन से विधिपूर्वक प्रवेश करने के पश्चात् वहाँ निरुद्ध है, मुक्त करने के लिए तोड़कर खोल सकता है।

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