Section 45 Motor Vehicles Act,1988


Section 45 Motor Vehicles Act, 1988 in Hindi and English

Section 45 of MV Act 1988 :-  Refusal of registration or renewal of the certificate of registration -- The registering authority may, by order, refuse to register any motor vehicle, or renew the certificate of registration in respect of a motor vehicle (other than a transport vehicle), if in either case, the registering authority has reason to believe that it is a stolen motor vehicle or the vehicle is mechanically defective or fails to comply with the requirements of this Act or of the rules made thereunder, or if the applicant fails to furnish particulars of any previous registration of the vehicle or furnishes inaccurate particulars in the application for registration of the vehicle or, as the case may be, for renewal of the certificate or registration thereof and the registering authority shall furnish the applicant whose vehicle is refused registration, or whose application for renewal of the certificate of registration is refused, a copy of such order, together with the reasons for such refusal.

Supreme Court of India Important Judgments And Case Law Related to Section 45 of Motor Vehicles Act, 1988:

D. Papiah vs Mysore State Transport Appellate on 18 December, 1975

M. Duraiswamy vs Murugan Bus Service & Ors on 2 April, 1986

Mohd. Ibrahim Etc vs State Transport Appellate on 30 April, 1970

Goverdhan Lal Dhawan vs State Of Bihar & Others on 27 July, 1988

Karnataka State Road Transport vs B. A. Jayaram And Others on 31 January, 1984

M/S. Bundelkhand Motor Transport vs Behari Lal Chiaurasia And Another on 17 August, 1965

Rameshwar Prasad Etc., Etc vs State Of Uttar Pradesh & Others on 24 February, 1983

Punjab Sikh Regular Motor vs The Regional Transport on 15

Dhani Devi vs Sant Bihari & Ors on 18 October, 1968

A. S. T. Arunachalam Pillai vs M/S. Southern Roadways (Private) on 29 April, 1960

मोटर यान अधिनियम, 1988 की धारा 45 का विवरण :  -  रजिस्ट्रीकरण से या रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र के नवीकरण से इंकार -- रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी, आदेश द्वारा किसी मोटर यान का रजिस्ट्रीकरण करने से या किसी मोटर यान (परिवहन यान से भिन्न) की बाबत रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र का नवीकरण करने से उस दशा में इंकार कर सकता है यदि इन दोनों में से किसी भी दशा में, रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी के पास यह विश्वास करने का क है कि वह मोटर यान चुराया हुआ है या वह यान यांत्रिक रूप से खराब है या वह इस अधिनियम या उसके अधीन बनाए गए नियमों की अपेक्षाओं का पालन करने में असफल रहा है या यदि आवेदक यान के किसी पूर्व रजिस्ट्रीकरण की विशिष्ट्रियाँ प्रस्तुत करने में असफल रहता है या, यथास्थिति, यान के रजिस्ट्रीकरण के लिए या उसके रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र के नवीकरण के लिए आवेदन में गलत विशिष्टियां देता है और, रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी उस आवेदक को जिसके यान के रजिस्ट्रीकरण से इंकार किया जाता है या जिसके रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र के नवीकरण के लिए आवेदन को नामंजूर किया गया है, ऐसे आदेश की एक प्रति, ऐसे इंकार या नामंजूरी के कारणों सहित देगा।

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