Section 393 CrPC

 

Section 393 CrPC in Hindi and English



Section  393 of CrPC 1973 :- 393. Finality of judgments and orders on appeal ---

Judgments and orders passed by an Appellate Court upon an appeal shall be final, except in the case provided for in section 377, section 378, sub-section (4) of section 384 or Chapter XXX :

Provided that notwithstanding the final disposal of an appeal against conviction in any case, the Appellate Court may hear and dispose of, on the merits

(a) an appeal against acquittal under section 378, arising out of the same case, or

(b) an appeal for the enhancement of sentence under section 377, arising out of the same case.




Supreme Court of India Important Judgments And Case Law Related to Section  393 of Criminal Procedure Code 1973:

M.S.Ahlawat vs State Of Haryana And Anr on 27 October, 1999



दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा  393 का विवरण :  -  393. अपील पर आदेशों और निर्णयों का अंतिम होना --

अपील में अपील न्यायालय द्वारा पारित निर्णय या आदेश धारा 377, धारा 378, धारा 384 की उपधारा (4) या अध्याय 30 में उपबंधित दशाओं के सिवाय अंतिम होगे :

परन्तु किसी मामले में दोषसिद्धि के विरुद्ध अपील का अंतिम निपटारा हो जाने पर भी, अपील न्यायालय--

(क) धारा 378 के अधीन दोषमुक्ति के विरुद्ध उसी मामले से पैदा होने वाली अपील को; अथवा

(ख) धारा 377 के अधीन दण्डादेश में वृद्धि के लिए उसी मामले में पैदा होने वाली अपील को, सुन सकता है और गुणागुण के आधार पर उसका निपटारा कर सकता है।



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