Section 377 CrPC

 Section 377 CrPC in Hindi and English



Section 377 of CrPC 1973 :-377. Appeal by the State Government against sentence -

(1) Save as otherwise provided in sub-section (2), the State Government may, in any case of conviction on a trial  held by any Court other than a High Court, direct the Public Prosecutor to present '[an appeal against the sentence on the ground of its inadequacy

(a) to the Court of Session, if the sentence is passed by the Magistrate; and

(b) to the High Court, if the sentence is passed by any other Court.

(2) If such conviction is in a case in which the offence has been investigated by the Delhi Special Police Establishment, constituted under the Delhi Special Police Establishment Act, 1946 (25 of 1946), or by any other agency empowered to make investigation into an offence under any Central Act other than this Code, the Central Government may also direct the Public Prosecutor to present an appeal against the sentence on the ground of its inadequacy

(a) to the Court of Session, if the sentence is passed by the Magistrate; and

(b) to the High Court, if the sentence is passed by any other Court.

(3) When an appeal has been filed against the sentence on the ground of its inadequacy, "[the Court of Session or, as the case may be, the High Court] shall not enhance the sentence except after giving to the accused a reasonable opportunity of showing cause against such enhancement and while showing cause, the accused may plead for his acquittal or for the reduction of the sentence.

(4) When an appeal has been filed against a sentence passed under section 376, section 376A, section 376AB, section 376B, section 376C, section 376D, section 376DA, section 376DB or section 376E of the Indian Penal Code, the appeal shall be disposed of within a period of six months from the date of filing of such appeal. 



Supreme Court of India Important Judgments And Case Law Related to Section 377 of Criminal Procedure Code 1973:

Mallikarjun Kodagali (Dead) vs The State Of Karnataka on 12 October, 2018

Supreme Court of India Cites 42 - Cited by 0 - Full Document

Eknath Shankarrao Mukkawar vs State Of Maharashtra on 12 April, 1977

Bachan Singh Etc vs State Of Punjab on 14 September, 1979

State Of Karnataka vs Krishna Alias Raju on 1 January, 1987

Joseph Peter vs State Of Goa, Daman And Diu on 4 May, 1977

Govind Ramji Jadhav vs The State Of Maharashtra on 7 March, 1990

Parvinder Kansal vs The State Of Nct Of Delhi on 28 August, 2020

State Of Karnataka vs Krishna Alias Raju on 21 January, 1987

State Of Uttar Pradesh vs Nand Kishore Misra on 14 November, 1990

Nadir Khan vs The State (Delhi Administration) on 3 June, 1975



दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 377 का विवरण :  -  377. राज्य सरकार द्वारा दण्डादेश के विरुद्ध अपील --

(1) उपधारा (2) में जैसा उपबंधित है उसके सिवाय राज्य सरकार, उच्च न्यायालय से भिन्न किसी न्यायालय द्वारा किए गए विचारण में दोषसिद्धि के किसी मामले में लोक अभियोजक को दण्डादेश की अपर्याप्तता के आधार पर उसके विरुद्ध--

(क) सेशन न्यायालय में, यदि दण्डादेश किसी मजिस्ट्रेट द्वारा पारित किया जाता है; और

(ख) उच्च न्यायालय में, यदि दण्डादेश किसी अन्य न्यायालय द्वारा पारित किया जाता है, अपील प्रस्तुत करने का निदेश दे सकती है।

(2) यदि ऐसी दोषसिद्धि किसी ऐसे मामले में है जिसमें अपराध का अन्वेषण दिल्ली विशेष पुलिस स्थापन अधिनियम, 1946 (1946 का 25) के अधीन गठित दिल्ली विशेष पुलिस स्थापन द्वारा या इस संहिता से भिन्न किसी केन्द्रीय अधिनियम के अधीन अपराध का अन्वेषण करने के लिए सशक्त किसी अन्य अभिकरण द्वारा किया गया है तो केन्द्रीय सरकार भी लोक अभियोजक को दण्डादेश की अपर्याप्तता के आधार पर उसके विरुद्ध--

(क) सेशन न्यायालय में, यदि दण्डादेश किसी मजिस्ट्रेट द्वारा पारित किया जाता है; और

(ख) उच्च न्यायालय में, यदि दण्डादेश किसी अन्य न्यायालय द्वारा पारित किया जाता है, अपील प्रस्तुत करने का निदेश दे सकती है।

(3) जब दण्डादेश के विरुद्ध अपर्याप्तता के आधार पर अपील की गई है तब यथास्थिति, सेशन न्यायालय या उच्च न्यायालय उस दण्डादेश में वृद्धि तब तक नहीं करेगा जब तक कि अभियुक्त को ऐसी वृद्धि के विरुद्ध कारण दर्शित करने का युक्तियुक्त अवसर नहीं दिया गया है और कारण दर्शित करते समय अभियुक्त अपनी दोषमुक्ति के लिए या दण्डादेश में कमी करने के लिए अभिवचन कर सकता है।

(4) जब भारतीय दण्ड संहिता की धारा 376, धारा 376क, धारा 376कख, धारा 376ख, धारा 376ग, धारा 376घ, धारा 376घक, धारा 376घख या धारा 376ङ के अधीन पारित दण्डादेश के विरुद्ध कोई अपील फाइल की जाती है तो ऐसी अपील के फाइल किये जाने की तारीख से छह माह की कालावधि के भीतर अपील का निपटान किया जाएगा ।


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