Section 277 CrPC

 Section 277 CrPC in Hindi and English



Section 277 of CrPC 1973 :- 277. Language of record of evidence — In every case where evidence is taken down under section 275 or section 276 :

(a) if the witness gives evidence in the language of the Court, it shall be taken down in that language;

(b) if he gives evidence in any other language, it may, if practicable, be taken down in that language, and if it is not practicable to do so, a true translation of the evidence in the language of the Court shall be prepared as the examination of the witness proceeds, signed by the Magistrate or presiding Judge and shall form part of the record;

(C) where under clause (b) evidence is taken down in a language other than the language of the Court, a true translation thereof in the language of the Court shall be prepared as soon as practicable, signed by the Magistrate or presiding Judge, and shall form part of the record :

Provided that when under clause (b) evidence is taken down in English and a translation thereof in the language of the Court is not required by any of the parties, the Court may dispense with such translation.



Supreme Court of India Important Judgments And Case Law Related to Section 277 of Criminal Procedure Code 1973:

Sri Jayendra Saraswathy vs State Of Tamil Nadu And Others on 26 October, 2005

Asstt. Commissioner vs Velliappa Textiles Ltd. on 16 September, 2003



दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 277 का विवरण :  -  277. साक्ष्य के अभिलेख की भाषा -- प्रत्येक मामले में जहाँ साक्ष्य धारा 275 या धारा 276 के अधीन लिखा जाता है वहाँ--

(क) यदि साक्षी न्यायालय की भाषा में साक्ष्य देता है तो उसे उसी भाषा में लिखा जाएगा;

(ख) यदि वह किसी अन्य भाषा में साक्ष्य देता है तो उसे, यदि साध्य हो तो, उसी भाषा में लिखा जा सकेगा और यदि ऐसा करना साध्य न हो तो जैसे-जैसे साक्षी की परीक्षा होती जाती है, वैसे-वैसे साक्ष्य का न्यायालय की भाषा में सही अनुवाद तैयार किया जाएगा, उस पर मजिस्ट्रेट या पीठासीन न्यायाधीश द्वारा हस्ताक्षर किए जाएंगे और वह अभिलेख का भाग होगा;

(ग) उस दशा में जिसमें साक्ष्य खण्ड (ख) के अधीन न्यायालय की भाषा से भिन्न किसी भाषा में लिखा जाए, न्यायालय की भाषा में उसका सही अनुवाद यथासाध्य शीघ्र तैयार किया जाएगा, उस पर मजिस्ट्रेट या पीठासीन न्यायाधीश हस्ताक्षर करेगा और वह अभिलेख का भाग होगा :

परन्तु जब खण्ड (ख) के अधीन साक्ष्य अंग्रेजी में लिखा जाता है और न्यायालय की भाषा में उसके अनुवाद की किसी पक्षकार द्वारा अपेक्षा नहीं की जाती है तो न्यायालय ऐसे अनुवाद से अभिमुक्ति दे सकता है।



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