Section 207 CrPC

 Section 207 CrPC in Hindi and English


Section 207 of CrPC 1973 :- 207. Supply to the accused of copy of police report and other documents — In any case where the proceeding has been instituted on a police report, the Magistrate shall without delay furnish to the accused, free of cost, a copy of each of the following :

(i) the police report;

(ii) the First Information Report recorded under section 154;

(iii) the statements recorded under sub-section (3) of section 161 of all persons whom the prosecution proposes to examine as its witnesses, excluding therefrom any part in regard to which a request for such exclusion has been made by the police officer under sub-section (6) of section 173;

(iv) the confessions and statements, if any, recorded under section 164;

(v) any other document or relevant extract thereof forwarded to the Magistrate with the police report under sub-section (5) of section 173

Provided that the Magistrate may, after perusing any such part of a statement as is referred to in clause (iii) and considering the reasons given by the police officer for the request, direct that a copy of that part of the statement or of such portion thereof as the Magistrate thinks proper, shall be furnished to the accused :

Provided further that if the Magistrate is satisfied that any document referred to in clause (v) is voluminous, he shall, instead of furnishing the accused with a copy thereof, direct that he will only be allowed to inspect it either personally or through pleader in Court. 



Supreme Court of India Important Judgments And Case Law Related to Section 207 of Criminal Procedure Code 1973:

Raghubans Dubey vs State Of Bihar on 19 January, 1967

Jahid Shaikh & Ors vs State Of Gujarat & Anr on 6 July, 2011

Hardeep Singh vs State Of Punjab & Ors on 10 January, 1947

V.K. Sasikala vs State Rep. By Superintendent Of on 27 September, 2012

State Of U.P vs Laxmi Brahman & Anr on 11 March, 1983

Hardeep Singh vs State Of Punjab & Ors on 10 January, 2014

Bharat Parikh vs C.B.I. And Anr on 14 July, 2008

Sartaj Singh vs The State Of Haryana on 15 March, 2021

Raj Kishore Prasad vs State Of Bihar on 1 May, 1996

State Of Orissa vs Debendra Nath Padhi on 29 November, 2004



दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 207 का विवरण :  -  207. - अभियुक्त को पुलिस रिपोर्ट या अन्य दस्तावेजों की प्रतिलिपि देना -- किसी ऐसे मामले में जहाँ कार्यवाही पुलिस रिपोर्ट के आधार पर संस्थित की गई है, मजिस्ट्रेट निम्नलिखित में से प्रत्येक की एक प्रतिलिपि अभियुक्त को अविलम्ब नि:शुल्क देगा :

(i) पुलिस रिपोर्ट;

(ii) धारा 154 के अधीन लेखबद्ध की गई प्रथम इत्तिला रिपोर्ट:

(iii) धारा 161 की उपधारा (3) के अधीन अभिलिखित उन सभी व्यक्तियों के कथन, जिनकी अपने साक्षियों के रूप में परीक्षा करने का अभियोजन का विचार है, उनमें से किसी ऐसे भाग को छोड़कर जिनको ऐसे छोड़ने के लिए निवेदन धारा 173 की उपधारा (6) के अधीन पुलिस अधिकारी द्वारा किया गया है;

(iv) धारा 164 के अधीन लेखबद्ध की गई संस्वीकृतियाँ या कथन, यदि कोई हो;

(v) कोई अन्य दस्तावेज या उसका सुसंगत उद्धरण, जो धारा 173 की उपधारा (5) के अधीन पुलिस रिपोर्ट के साथ मजिस्ट्रेट को भेजी गई है :

परन्तु मजिस्ट्रेट खण्ड (iii) में निर्दिष्ट कथन के किसी ऐसे भाग का परिशीलन करने और ऐसे निवेदन के लिए पुलिस अधिकारी द्वारा दिए गए कारणों पर विचार करने के पश्चात् यह निदेश दे सकता है कि कथन के उस भाग की या उसके ऐसे प्रभाग की, जैसा मजिस्ट्रेट ठीक समझे, एक प्रतिलिपि अभियुक्त को दी जाए :

परन्तु यह और कि यदि मजिस्ट्रेट का समाधान हो जाता है कि खण्ड (v) में निर्दिष्ट कोई दस्तावेज विशालकाय है तो वह अभियुक्त को उसकी प्रतिलिपि देने के बजाय यह निदेश देगा कि उसे स्वयं या प्लीडर द्वारा न्यायालय में उसका निरीक्षण ही करने दिया जाएगा।



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