Section 201 Motor Vehicles Act, 1988

 


Section 201 Motor Vehicles Act, 1988 in Hindi and English


Section 201 of MV Act 1988 :- Penalty for causing obstruction to free flow of traffic -- (1) Whoever keeps a vehicle on any public place, in such a manner, so as to cause impediment to the free flow of traffic, shall be liable for penalty up to [five hundred rupees], so long as it remains in that position :

Provided that the vehicle involved in accidents shall be liable for penalty only from the time of completion of inspection formalities under the law :

[Provided further that where the vehicle is removed by [an agency authorised by the Central Government or State Government, removal charges] shall be recovered from the vehicle owner or person in-charge of such vehicle.]

[(2) Penalties or [removal charges] under this section shall be recovered by such officer or authority as the State Government may, by notification in the Official Gazette, authorise.]

[(3) Sub-section (1) shall not apply where the motor vehicle has suffered an unforeseen breakdown and is in the process of being removed.]

Explanation.-- For the purposes of this section,"removal charges” includes any costs involved in the removal of the motor vehicle from one location to another and also includes any costs related to storage of such motor vehicle.



Supreme Court of India Important Judgments And Case Law Related to Section 201 of Motor Vehicles Act, 1988:

Suleman Rehiman Mulani & Anr vs State Of Maharashtra on 1 December, 1967


मोटर यान अधिनियम, 1988 की धारा 201 का विवरण :  -   यातायात के मुक्त प्रवाह में अवरोध डालने के लिए शास्ति -- (1) जो कोई किसी यान को किसी सार्वजनिक स्थान पर ऐसी रीति से रखेगा जिससे कि यातायात का मुक्त प्रवाह अवरुद्ध होता है तो वह, जब तक यान उस स्थिति में रहता है, पांच सौ रुपए तक की शास्ति के लिए दायी होगा :

परन्तु दुर्घटनाग्रस्त यान केवल उस समय से शास्ति का दायी होगा जिस समय विधि के अधीन निरीक्षण की औपचारिकताएं पूरी हो जाती हैं :

[परन्तु यह और कि जहां यान किसी [केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत कोई अभिकरण द्वारा हटाया जाता है, वहां हटाए जाने का प्रभार] यान के स्वामी या ऐसे यान के भारसाधक व्यक्ति से वसूल किए जाएंगे।]

[(2) इस धारा के अधीन शास्तियां या [हटाने का प्रभार] ऐसे अधिकारी या प्राधिकारी द्वारा वसूल किए जाएंगे जिसे राज्य सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, प्राधिकृत करे ।]

[(3) उपधारा (1) वहां लागू नहीं होगी जहां मोटर यान ने अनवेक्षित खराबी हो गई है और हटाए जाने की प्रक्रिया में है ।

स्पष्टीकरण -- इस धारा के प्रयोजनों के लिए “हटाए जाने के प्रभारों" के अंतर्गत अनुकर्षण के माध्यम सहित और ऐसे मोटर यान के भंडारण से संबद्ध किन्हीं लागतों सहित भी एक अवस्थिति से दूसरी अवस्थिति तक एक मोटर यान के हटाए जाने में अंतवलित कोई लागत सम्मिलित होगी।



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