Section 164A CrPC

Section 164A CrPC in Hindi and English



Section 164A of CrPC 1973 :- 164-A. Medical examination of the victim of rape -(1) Where, during the stage when an offence of committing rape or attempt to commit rape is under investigation, it is proposed to get the person of the woman with whom rape is alleged or attempted to have been committed or attempted, examined by a medical expert, such examination shall be conducted by a registered medical practitioner employed in a hospital run by the Government or a local authority and in the absence of such a practitioner, by any other registered medical practitioner, with the consent of such woman or of a person competent to give such consent on her behalf and such woman shall be sent to such registered medical practitioner within twenty-four hours from the time of receiving the information relating to the commission of such offence.

(2) The registered medical practitioner, to whom such woman is sent, shall, without delay, examine her person and prepares report of his examination giving the following particulars, namely :

   (i) the name and address of the woman and of the person by whom she was brought;

   (ii) the age of the woman; 

   (iii) the description of material taken from the person of the woman for DNA profiling;

   (iv) marks of injury, if any, on the person of the woman;

   (v) general mental condition of the woman; and

   (vi) other material particulars in reasonable detail.

(3) The report shall state precisely the reasons for each conclusion arrived at.

(4) The report shall specifically record that the consent of the woman or of the person competent to give such consent on her behalf to such examination had been obtained.

(5) The exact time of commencement and completion of the examination shall also be noted in the report.

(6) The registered medical practitioner shall, without delay, forward the report to the investigatiɔn officer who shall forward it to the Magistrate referred to in section 173 as part of the documents referred to in clause (a) of sub-section (5) of that section.

(7) Nothing in this section shall be construed as rendering lawful any examination without the consent of the woman or of any person competent to give such consent on her behalf.

Explanation — For the purposes of this section, “examination” and “registered medical practitioner" shall have the same meanings as in section 53.


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STATE AMENDMENT 

Chhattisgarh - In Section 164A, except explanation clause of the Code, for the words "registered medical practitioner" where it occurs for the first time, the words “female registered medical practitioner” shall be substituted.

[Vide The Criminal Law (C.G. Amendment) Act, 2013 (No. 25 of 2015), Sec. 10 (w.e.f. 21-7-2015). Published in C.G. Rajpatra (Asadharan) dated 21-7-2015 pages 777-778(9).]




Supreme Court of India Important Judgments And Case Law Related to Section 164A of Criminal Procedure Code 1973:


दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 164-क का विवरण :  -  164-क. बलात्संग के पीड़ित व्यक्ति की चिकित्सीय परीक्षा -- (1) जहाँ, ऐसे प्रक्रम के दौरान जब बलात्संग या बलात्संग करने का प्रयत्न करने के अपराध का अन्वेषण किया जा रहा है उस स्त्री के शरीर की, जिसके साथ बलात्संग किया जाना या करने का प्रयत्न करना अभिकथित है, किसी चिकित्सा विशेषज्ञ से परीक्षा कराना प्रस्थापित है वहाँ ऐसी परीक्षा, सरकार या किसी स्थानीय प्राधिकारी द्वारा चलाए जा रहे किसी अस्पताल में नियोजित रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी द्वारा, और ऐसे व्यवसायी की अनुपस्थिति में किसी अन्य रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी द्वारा, ऐसी स्त्री की सहमति से या उसकी ओर से ऐसी सहमति देने के लिए सक्षम व्यक्ति की सहमति से की जाएगी और ऐसी स्त्री को ऐसा अपराध किए जाने से संबंधित इत्तिला प्राप्त होने के समय से चौबीस घंटे के भीतर ऐसे रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी के पास भेजा जाएगा।

(2) वह रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी, जिसके पास ऐसी स्त्री भेजी जाती है, बिना किसी विलंब के, उसके शरीर की परीक्षा करेगा और एक परीक्षा रिपोर्ट तैयार करेगा जिसमें निम्नलिखित ब्यौरे दिए जाएंगे, अर्थात् :

     (i) स्त्री का, और उस व्यक्ति का, जो उसे लाया है, नाम और पता;

     (ii) स्त्री की आयुः

    (iii) डी.एन.ए. प्रोफाइल करने के लिए स्त्री के शरीर से ली गई सामग्री का वर्णन; 

    (iv) स्त्री के शरीर पर क्षति के यदि कोई हैं, चिह्नः

    (v) स्त्री की साधारण मानसिक दशा; और

    (vi) उचित ब्यौरे सहित अन्य तात्विक विशिष्टियाँ

(3) रिपोर्ट में संक्षेप में वे कारण अभिलिखित किए जाएंगे जिनसे प्रत्येक निष्कर्ष निकाला गया है।

(4) रिपोर्ट में विनिर्दिष्ट रूप से यह अभिलिखित किया जाएगा कि ऐसी परीक्षा के लिए स्त्री की सहमति या उसकी ओर से ऐसी सहमति देने के लिए सक्षम व्यक्ति की सहमति, अभिप्राप्त कर ली गई है।

(5) रिपोर्ट में परीक्षा प्रारम्भ और समाप्त करने का सही समय भी अंकित किया जाएगा।

(6) रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी, बिना विलम्ब के, रिपोर्ट अन्वेषण अधिकारी को भेजेगा जो उसे धारा 173 में निर्दिष्ट मजिस्ट्रेट को, उस धारा की उपधारा (5) के खंड (क) में निर्दिष्ट दस्तावेजों के भागरूप में भेजेगा।

(7) इस धारा की किसी बात का यह अर्थ नहीं लगाया जाएगा कि वह स्त्री की सहमति के बिना या उसकी ओर से ऐसी सहमति देने के लिए सक्षम किसी व्यक्ति की सहमति के बिना किसी परीक्षा को विधिमान्य बनाती है।

स्पष्टीकरण -- इस धारा के प्रयोजनों के लिए परीक्षा” और “रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी” के वही अर्थ हैं जो उनके धारा 53 में हैं।


राज्य संशोधन 

 

छत्तीसगढ़ -- धारा 164क में, स्पष्टीकरण खण्ड को छोड़कर, जहां शब्द “पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी प्रथम बार आया हो के स्थान पर, शब्द “महिला पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी'' प्रतिस्थापित किया जाए। 

[देखें दण्ड विधि (छ.ग. संशोधन) अधिनियम, 2013 (क्र. 25 सन् 2015), धारा 10. (दिनांक 21-7-2015 से प्रभावशील)। छ.ग. राजपत्र (असाधारण) 2001 दिनांक 21-7-2015 पृष्ठ 777-778(9) पर प्रकाशित ।]



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