Section 15 Motor Vehicles Act, 1988

 

Section 15 Motor Vehicles Act, 1988 in Hindi and English



Section 15 of MV Act 1988 :-  Renewal of driving licences -- (1) Any licensing authority may, on application made to it, renew a driving licence issued under the provisions of this Act with effect from the date of its expiry :

Provided that in any case where the application for the renewal of a licence is made either one year prior to date of its expiry or within one year after the date of its expiry, the driving licence shall be renewed with effect from the date of its renewal :

Provided further that where the application is for the renewal of a licence to drive a transport vehicle or where in any other case the applicant has attained the age of forty years, the same shall be accompanied by a medical certificate in the same form and in the same manner as is referred to in sub-section (3) of section 8, and the provisions of sub-section (4) of section 8 shall, so far as may be, apply in relation to every such case as they apply in relation to a learner's licence.

(2) An application for the renewal of a driving licence shall be made in such form and accompanied by such documents as may be prescribed by the Central Government.

(3) Where an application for the renewal of a driving licence is made previous to, or not more than one year after the date of its expiry, the fee payable for such renewal shall be such as may be prescribed by the Central Government in this behalf.

(4) Where an application for the renewal of a driving licence is made more than [one year) after the date of its expiry, the fee payable for such renewal shall be such amount as may be prescribed by the Central Government :

Provided that the fee referred to in sub-section (3) may be accepted by the licensing authority in respect of an application for the renewal of a driving licence made under this sub-section if it is satisfied that the applicant was prevented by good and sufficient cause from applying within the time specified in sub-section (3):

Provided further that if the application is made more than [one year after the driving licence has ceased to be effective, the licensing authority shall] refuse to renew the driving licence, unless the applicant undergoes and passes to its satisfaction the test of competence to drive referred to in sub-section (3) of section 9.

(5) Where the application for renewal has been rejected, the fee paid shall be refunded to such extent and in such manner as may be prescribed by the Central Government.

(6) Where the authority renewing the driving licence is not the authority which issued the driving licence it shall intimate the fact of renewal to the authority which issued the driving licence.



Supreme Court of India Important Judgments And Case Law Related to Section 15 of Motor Vehicles Act, 1988:

Ishwar Chandra & Ors vs The Oriental Insurance Co. Ltd. & on 8 March, 2007

Sardari & Ors vs Sushil Kumar & Ors on 4 March, 2008

The State Of Madhya Pradesh vs Rakesh Sethi . on 26 August, 2020

Iffco Tokio General Insurance vs Pearl Beverages Ltd. on 12 April, 2021



मोटर यान अधिनियम, 1988 की धारा 15 का विवरण :  -   चालन-अनुज्ञप्तियों का नवीकरण -- (1) कोई भी अनुज्ञापन प्राधिकारी उसे आवेदन किए जाने पर किसी चालन-अनुज्ञप्ति को, जो इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन दी गई हो, उसकी समाप्ति की तारीख से नवीकृत कर सकेगा :

परन्तु ऐसी दशा में, जिसमें कि चालन-अनुज्ञप्ति के नवीकरण के लिए आवेदन उसकी समाप्ति की तारीख से या तो एक वर्ष पूर्व या उसकी समाप्ति की तारीख के पश्चात् एक वर्ष के भीतर किया गया है, चालन-अनुज्ञप्ति उसके नवीकरण की तारीख से नवीकृत की जाएगी :

परन्तु यह और कि जहां आवेदन, परिवहन यान चलाने की अनुज्ञप्ति के नवीकरण के लिए है या जहां किसी अन्य दशा में आवेदक ने चालीस वर्ष की आयु प्राप्त कर ली है वहां उसके साथ धारा 8 की उपधारा (3) में निर्दिष्ट प्ररूप और रीति में चिकित्सा प्रमाण-पत्र होगा और धारा 8 की उपधारा (4) के उपबंध, जहां तक हो सके, ऐसी प्रत्येक दशा के संबंध में उसी प्रकार लागू होंगे जिस प्रकार वे शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति के संबंध में लागू होते हैं।

(2) चालन-अनुज्ञप्ति के नवीकरण के लिए आवेदन ऐसे प्रारूप में किया जाएगा और उसके साथ ऐसे दस्तावेज होंगे, जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित किए जाएं ।

(3) जहां चालन-अनुज्ञप्ति के नवीकरण के लिए आवेदन उस अनुज्ञप्ति की समाप्ति की तारीख से पूर्व या उसके पश्चात् अधिक से अधिक एक वर्ष के भीतर किया गया है वहां ऐसे नवीकरण के लिए देय फीस ऐसी होगी जो इस निमित्त केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित की जाए ।

(4) जहां चालन-अनुज्ञप्ति के नवीकरण के लिए आवेदन उस अनुज्ञप्ति की समाप्ति की तारीख से एक वर्ष के पश्चात् किया गया है वहां ऐसे नवीकरण के लिए देय फीस वह रकम होगी जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित की जाए :

परन्तु उपधारा (3) में निर्दिष्ट फीस, इस उपधारा के अधीन चालन-अनुज्ञप्ति के नवीकरण के लिए किए गए आवेदन की बाबत अनुज्ञापन प्राधिकारी द्वारा तभी स्वीकार की जा सकेगी जब उसका यह समाधान हो जाता है कि आवेदक उपधारा (3) में विनिर्दिष्ट समय के भीतर उचित और पर्याप्त कारण से आवेदन नहीं कर पाया था :

परन्तु यह और कि यदि चालन अनुज्ञप्ति के प्रभावहीन होने से एक वर्ष के पश्चात् आवेदन किया गया है तो अनुज्ञापन प्राधिकारी चालन अनुज्ञप्ति को नवीकृत करने से इंकार करेगा, जब तक कि आवेदक उस प्राधिकारी के समाधानप्रद रूप में धारा 9 की उपधारा (3) में निर्दिष्ट चालन सक्षमता परीक्षण नहीं दे देता और उसमें उत्तीर्ण नहीं हो जाता ।

(5) जहां नवीकरण के लिए आवेदन नामंजूर कर दिया गया है वहां संदत्त फीस उतनी सीमा तक और ऐसी रीति में, जो केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित की जाए, वापस कर दी जाएगी ।

(6) जब चालन-अनुज्ञप्ति का नवीकरण करने वाला प्राधिकारी वह प्राधिकारी नहीं है जिसने चालन-अनुज्ञप्ति दी थी, तब वह नवीकरण के तथ्य की सूचना उस प्राधिकारी को देगा जिसने चालनअनुज्ञप्ति दी थी।



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