Section 110A Motor Vehicles Act, 1988

 


Section 110A Motor Vehicles Act, 1988 in Hindi and English



Section 110A of MV Act 1988 :- Recall of motor vehicles -- (1) The Central Government may, by order, direct a manufacturer to recall motor vehicles of a particular type or its variants, if--

(a) a defect in that particular type of motor vehicle may cause harm to the environment or to the driver or occupants of such motor vehicle or other road users; and

(b) a defect in that particular type of motor vehicle has been reported to the Central Government by--

(i) such percentage of owners, as the Central Government, may by notification in the Official Gazette, specify; or

(ii) a testing agency; or

(iii) any other source.

(2) Where the defect referred to in sub-section (1) lies in a motor vehicle component, the Central Government may, by order, direct a manufacturer to recall all motor vehicles which contain such component, regardless of the type or variants of such motor vehicle.

(3) A manufacturer whose vehicles are recalled under sub-section (1) or sub-section (2), shall--

(a) reimburse the buyers for the full cost of the motor vehicle, subject to any hire-purchase or lease-hypothecation agreement; or

(b) replace the defective motor vehicle with another motor vehicle of similar or better specifications which complies with the standards specified under this Act or repair it; and

(c) pay such fines and other dues in accordance with sub-section (6).

(4) Where a manufacturer notices a defect in a motor vehicle manufactured by him, he shall inform the Central Government of the defect and initiate recall proceedings and in such case the manufacturer shall not be liable to pay fine under sub-section (3).

(5) The Central Government may authorise any officer to conduct investigation under this section who shall have all the powers of a civil court, while trying a suit under the Code of Civil Procedure, 1908 (5 of 1908) in respect of the following matters, namely :-

(a) summoning and enforcing the attendance of any person and examining him on oath;

(b) requiring the discovery and production of any document;

(c) receiving evidence on affidavit; and

(d) any other matter as may be prescribed.

(6) The Central Government may make rules for regulating the recall of motor vehicles, of a particular type or its variants, for any defect which in the opinion of the Central Government, may cause harm to the environment or to the driver or occupants of such motor vehicle or to other road users.



Supreme Court of India Important Judgments And Case Law Related to Section 110A of Motor Vehicles Act, 1988:



मोटर यान अधिनियम, 1988 की धारा 110क. का विवरण :  -मोटर यानों का वापस बुलाना -- (1) केन्द्रीय सरकार, आदेश द्वारा विनिर्माता को यह निदेश दे सकेगी कि वह किसी विशिष्ट किस्म के मोटर यानों या उसके परिवर्तियों को तब वापस बुलाएगी, यदि :-

(क) उस विशिष्ट किस्म के मोटर यान में ऐसा कोई दोष है जो पर्यावरण या ऐसे मोटर यान के चालक या उसमें बैठने वाले व्यक्तियों या सड़क मार्ग का उपयोग करने वाले अन्य व्यक्तियों को क्षति पहुंचा सकता है; और

(ख) उस विशिष्ट किस्म के मोटर यान में ऐसा कोई दोष निम्नलिखित द्वारा केन्द्रीय सरकार को रिपोर्ट किया गया है,-

(i) स्वामियों के ऐसे प्रतिशत द्वारा, जिसे केन्द्रीय सरकार, राजपत्र में, अधिसूचना द्वारा विनिर्दिष्ट करे; या

(ii) किसी परीक्षण अभिकरण; या

(iii) किसी अन्य स्त्रोत ।

(2) जहां उपधारा (1) में निर्दिष्ट दोष मोटर यान के किसी संघटक में है, वहां केन्द्रीय सरकार, आदेश द्वारा विनिर्माता को, ऐसे सभी मोटर यानों को, ऐसे मोटर यानों की किस्म या परिवर्तियों पर ध्यान न देते हुए, जिनमें ऐसा संघटक लगा हुआ है, वापस बुलाने का निदेश दे सकेगी ।

(3) ऐसा कोई विनिर्माता, जिसके यानों को उपधारा (1) या उपधारा (2) के अधीन वापस बुलाया जाता है,

(क) क्रेताओं को किसी अवक्रय या पट्टा-आडमान करार के अधीन रहते हुए मोटर यान की संपूर्ण लागत की प्रतिपूर्ति करेगा; या   

(ख) दोषपूर्ण मोटर यान को समान या बेहतर विनिर्देशों वाले किसी ऐसे अन्य मोटर यान से प्रतिस्थापित करेगा, जो इस अधिनियम के अधीन विनिर्दिष्ट मानकों का अनुपालन करता है या उसकी मरम्मत करेगा; और   

(ग) ऐसे जुर्माने और अन्य शोध्यों का संदाय करेगा, जो उपधारा (6) के अनुसार हों ।

(4) जहां विनिर्माता द्वारा विनिर्मित किसी मोटर यान में कोई दोष उसकी सूचना में आता है तो वह ऐसे दोष की जानकारी केन्द्रीय सरकार को देगा और यानों को वापस बुलाए जाने की प्रक्रियाएं आरंभ करेगा और ऐसी दशा में विनिर्माता उपधारा (3) के अधीन जुर्माने का संदाय करने का दायी नहीं होगा।

(5) केन्द्रीय सरकार, इस धारा के अधीन किसी अधिकारी को अन्वेषण करने के लिए प्राधिकृत कर सकेगी, जिसके पास निम्नलिखित विषयों के संबंध में सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (1908 का 5) के अधीन किसी वाद का विचारण करने वाले किसी सिविल न्यायालय की सभी शक्तियां होंगी, अर्थात् :-

(क) किसी व्यक्ति को समन करने और हाजिर कराने तथा शपथ पर उसकी परीक्षा करने;

(ख) किसी दस्तावेज को प्रकट और प्रस्तुत करने की अपेक्षा करना;

(ग) शपथपत्र पर साक्ष्य प्राप्त करने; और   

(घ) ऐसा कोई अन्य विषय, जो विहित किया जाए।

(6) केन्द्रीय सरकार, किसी ऐसे दोष के लिए, जो केन्द्रीय सरकार की राय में पर्यावरण या ऐसे मोटर यान के चालक या उसमें बैठने वाले व्यक्तियों या सड़क मार्ग का उपयोग करने वाले अन्य व्यक्तियों को क्षति पहुँचा सकता है. मोटर यानों की किसी विशिष्ट किस्म या उसके परिवर्तियों को वापस बुलाने का विनियमन करने के लिए नियम बना सकेगी । 



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