वृद्धों के लिए राष्ट्रीय नीति

वृद्धों के लिए राष्ट्रीय नीति
वृद्ध लोगों की बेहतरी को सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराने के लिए 1999 में वृद्ध व्यक्तियों के लिए एक राष्ट्रीय नीति की घोषणा की गई इस नीति के द्वारा वृद्ध लोगों के लिए वित्तीय एवं खाद्य सुरक्षा स्वास्थ्य देखभाल आश्रय एवं लोगों की अन्य जरूरतें विकास में समानता पूर्ण सहभागिता शोषण एवं दुर्व्यवहार के विरुद्ध संरक्षण तथा उनके जीवन स्तर को सुधारने के लिए सेवाओं की उपलब्धता को बनाए रखने के लिए राज्य के समर्थन पर बल दिया जाता है इसकी विशेषताएं निम्न है

व्यक्तियों को अपने और अपने वृद्ध पत्नी या पति के लिए प्रावधान बनाने को प्रोत्साहित करना
परिवारों को अपने वृद्ध परिवारिक सदस्यों की देखभाल के लिए प्रोत्साहित करना
संवेदनशील करोड लोगों के लिए देखभाल एवं संरक्षण उपलब्ध कराना
परिवारों द्वारा उपलब्ध कराई गई देखभाल की अनु पूर्ति करने के लिए गैर सरकारी एवं स्वैच्छिक संगठनों की क्षमता एवं समर्थन प्रदान करना
रोड व्यक्तियों के लिए पर्याप्त स्वास्थ्य देखभाल सुविधा उपलब्ध कराना
वयोवृद्ध व्यक्तियों के संबंध में जागरूकता पैदा करना ताकि उत्पादन एवं स्वतंत्र जीवन जीने में उनकी सहायता की जा सके
वृद्धों के लिए राष्ट्रीय नीति में कुछ अन्य तत्व महत्वपूर्ण है जिनमें

सरकार द्वारा वर्ष 2005 में वृद्ध व्यक्तियों के लिए राष्ट्रीय परिषद का पुनर्गठन किया गया जो वृत्त से संबंधित नीतियों एवं कार्यक्रमों के विकास के संबंध में सरकार को सलाह एवं सहायता देती है

गैर सरकारी संगठनों को वृद्धाश्रम बनाने तथा उसकी देखभाल करने सचल चिकित्सा इकाइयों खोलने तथा वृद्धों को गैर संगठित सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु सहायता राशि उपलब्ध कराई जा रही है

मध्य पान और मादक पदार्थों के सेवन की रोकथाम हेतु गैर सरकारी संगठनों का सहयोग

वृद्धों के लिए सामाजिक सुरक्षा सेवा का क्रियान्वयन आदि

Comments

Popular posts from this blog

Article 188 Constitution of India

73rd Amendment in Constitution of India

Article 350B Constitution of India