राष्ट्रीय विकलांग नीति

राष्ट्रीय विकलांग नीति
विकलांग व्यक्तियों के लिए 2006 में एक राष्ट्रीय नीति बनाई गई इस नीति के द्वारा इस बात की मान्यता दी गई कि विकलांग व्यक्ति देश के लिए एक मूल्यवान मानव संसाधन है तथा उनके लिए एक ऐसे वातावरण की रचना की जानी चाहिए जो उन्हें समान अवसर उनके अधिकारों का संरक्षण एवं समाज में पूर्ण भागीदारी उपलब्ध करा सकें यह नीति इस बात पर ज्यादा बल देती है कि विकलांगों को एक बेहतर एवं समान अवसर दिया जाए जिससे वह एक बेहतर जीवन जिसके इसकी प्रमुख विशेषता नीचे दी गई हैं

शारीरिक पुनर्वास जिसमें शुरुआती पहचान और हस्तक्षेप परामर्श एवं चिकित्सकीय हस्तक्षेप तथा सहायता एवं उपकरणों के प्रावधान शामिल है

शैक्षिक पुनर्वास जिसमें व्यवसायिक प्रशिक्षण शामिल है
एक बाधा रहित वातावरण का निर्माण
समाज में एक गरिमा पूर्ण जीवन के लिए आर्थिक पुनर्वास इसके अंतर्गत सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र में रोजगार तथा स्वरोजगार शामिल है
पुनर्वास पेशेवरों का विकास
विकलांगता पेंशन बेरोजगारी भत्ता इत्यादि जैसे सामाजिक सुरक्षा का प्रावधान
गैर सरकारी संगठनों को प्रोत्साहन
विकलांगों के लिए राष्ट्रीय संस्थान जैसे
राष्ट्रीय दृष्टिकोण संस्थान देहरादून
राष्ट्रीय अस्थि विकलांग संस्थान कोलकाता
अली यावर जंग राष्ट्रीय बधिर संस्थान मुंबई
राष्ट्रीय मानसिक विकलांग संस्थान सिकंदराबाद
राष्ट्रीय पुनर्वास प्रशिक्षण और अनुसंधान संस्थान कटक
शारीरिक विकलांग संस्थान नई दिल्ली
बहु विकलांग सशक्तिकरण संस्थान चेन्नई

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