Section 89 The Trade Marks Act, 1999

 


Section 89 The Trade Marks Act, 1999: 

 Resignation and removal.—

(1) The Chairman, Vice-Chairman or any other Member may, by notice in writing under his hand addressed to the President of India, resign his office: Provided that the Chairman, Vice-Chairman or any other Member shall, unless he is permitted by the President of India to relinquish his office sooner, continue to hold office until the expiry of three months from the date of receipt of such notice or until a person duly appointed as his successor enters upon his office or until the expiry of his term of office, whichever is earlier.

(2) The Chairman, Vice-Chairman or any other Member shall not be removed from his office except by an order made by the President of India on the ground of proved misbehaviour or incapacity after an inquiry made by a Judge of the Supreme Court in which the Chairman, Vice-Chairman or other Member had been informed of the charges against him and given a reasonable opportunity of being heard in respect of those charges.

(3) The Central Government may, by rules, regulate the procedure for the investigation of misbehaviour or incapacity of the Chairman, Vice-Chairman or other Member referred to in sub-section (2).




Supreme Court of India Important Judgments And Leading Case Law Related to Section 89 The Trade Marks Act, 1999: 

Vishwa Mitter vs O. P. Poddar And Others on 30 September, 1983

Supreme Court of India Cites 18 - Cited by 50 - Full Document

Vishwa Mitter Of Vijay Bharat  vs O.P. Poddar And Ors. on 30 September, 1983

Supreme Court of India Cites 17 - Cited by 25 - Full Document



व्यापार चिह्न अधिनियम, 1999 की धारा 89 का विवरण : 

पदत्याग और हटाया जाना-(1) अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या अन्य सदस्य, भारत के राष्ट्रपति को संबोधित अपने हस्ताक्षर सहित लिखित सूचना द्वारा, अपना पद त्याग सकेगा:

परंतु अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या अन्य सदस्य, जब तक कि उसे भारत के राष्ट्रपति द्वारा उससे पहले अपना पद त्याग करने की अनुज्ञा नहीं दी जाती, ऐसी सूचना की प्राप्ति की तारीख से तीन मास की समाप्ति तक या उसके पदोत्तरवर्ती के रूप में सम्यक् रूप से नियुक्त व्यक्ति द्वारा अपना पद ग्रहण कर लेने तक या उसकी पदावधि समाप्त होने तक, इनमें से जो भी पूर्वतर हो, अपना पद धारण करता रहेगा ।

(2) अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या कोई अन्य सदस्य अपने पद से, साबित कदाचार या असमर्थता के आधार पर, उच्चतम न्यायालय के किसी न्यायाधीश द्वारा ऐसी जांच किए जाने के पश्चात् जिसमें ऐसे अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या अन्य सदस्य को उसके विरुद्ध लगाए गए आरोपों की सूचना दे दी गई है और उन आरोपों के संबंध में सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर दे दिया गया है, भारत के राष्ट्रपति द्वारा किए गए आदेश से ही हटाया जाएगा, अन्यथा नहीं ।

(3) केन्द्रीय सरकार, उपधारा (2) में निर्दिष्ट अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या अन्य सदस्य के कदाचार या असमर्थता का अन्वेषण करने के लिए प्रक्रिया, नियमों द्वारा विनियमित कर सकेगी ।


90. अपील बोर्ड के कर्मचारिवृंद-(1) केन्द्रीय सरकार ऐसे अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों की किस्म और प्रवर्ग अवधारित करेगी जो अपील बोर्ड को उसके कृत्यों का निर्वहन करने में सहायता करने के लिए अपेक्षित हों और अपील बोर्ड के लिए ऐसे अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों की व्यवस्था करेगी, जो वह ठीक समझे ।

(2) अपील बोर्ड के अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों के वेतन और भत्ते तथा सेवा की शर्तें ऐसी होंगी जो विहित की जाएं ।

(3) अपील बोर्ड के अधिकारी और अन्य कर्मचारी अध्यक्ष के साधारण अधीक्षण के अधीन अपने कृत्यों का निर्वहन ऐसी रीति से करेंगे, जो विहित की जाए ।



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