Section 29 Arbitration and Conciliation Act, 1996

 


Section 29  Arbitration and Conciliation Act, 1996: 

Decision making by panel of arbitrators.—

(1) Unless otherwise agreed by the parties, in arbitral proceedings with more than one arbitrator, any decision of the arbitral tribunal shall be made by a majority of all its members.

(2) Notwithstanding sub-section (1), if authorised by the parties or all the members of the arbitral tribunal, questions of procedure may be decided by the presiding arbitrator.



Supreme Court of India Important Judgments And Leading Case Law Related to Section 29  Arbitration and Conciliation Act, 1996: 

Dakshin Haryana Bijli Vitran vs M/S Navigant Technologies Pvt. on 2 March, 2021




माध्यस्थम् और सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 29 का विवरण : 

मध्यस्थों के पैनल द्वारा विनिश्चय किया जाना-(1) जब तक पक्षकारों ने अन्यथा करार न किया हो, उन माध्यस्थम् कार्यवाहियों में जिनमें एक से अधिक मध्यस्थ हों, माध्यस्थम् अधिकरण का कोई भी विनिश्चय उसके सभी सदस्यों के बहुमत से किया जाएगा ।

(2) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी, यदि पक्षकारों द्वारा या माध्यस्थम् अधिकरण के सभी सदस्यों द्वारा प्राधिकृत किया जाए, तो प्रक्रिया संबंधी प्रश्न, पीठासीन मध्यस्थ द्वारा विनिश्चित किए जा सकेंगे ।




To download this dhara / Section of  Arbitration and Conciliation Act, 1996 in pdf format use chrome web browser and use keys [Ctrl + P] and save as pdf.

Comments

Popular posts from this blog

भारतीय संविधान से संबंधित 100 महत्वपूर्ण प्रश्न उतर

संविधान की प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख | Characteristics of the Constitution of India

संविधान के अनुच्छेद 19 में मूल अधिकार | Fundamental Right of Freedom in Article 19 of Constitution