Section 26 Arbitration and Conciliation Act, 1996

 

Section 26  Arbitration and Conciliation Act, 1996: 

Expert appointment by arbitral tribunal.—

(1) Unless otherwise agreed by the parties, the arbitral tribunal may—

(a) appoint one or more experts to report to it on specific issues to be determined by the arbitral tribunal, and

(b) require a party to give the expert any relevant information or to produce, or to provide access to, any relevant documents, goods or other property for his inspection.

(2) Unless otherwise agreed by the parties, if a party so requests or if the arbitral tribunal considers it necessary, the expert shall, after delivery of his written or oral report, participate in an oral hearing where the parties have the opportunity to put questions to him and to present expert witnesses in order to testify on the points at issue.

(3) Unless otherwise agreed by the parties, the expert shall, on the request of a party, make available to that party for examination all documents, goods or other property in the possession of the expert with which he was provided in order to prepare his report.



Supreme Court of India Important Judgments And Leading Case Law Related to Section 26  Arbitration and Conciliation Act, 1996: 

Visa International Ltd vs Continental Resources (Usa)Ltd on 2 December, 2008



माध्यस्थम् और सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 26 का विवरण : 

माध्यस्थम् अधिकरण द्वारा नियुक्त विशेषज्ञ-(1) जब तक कि पक्षकारों द्वारा अन्यथा करार न किया गया हो, माध्यस्थम् अधिकरण-

(क) माध्यस्थम् अधिकरण द्वारा अवधारित किए जाने वाले विनिर्दिष्ट विवाद्यकों पर उसे रिपोर्ट करने के लिए एक या अधिक विशेषज्ञ नियुक्त कर सकेगा ; और

(ख) किसी पक्षकार से विशेषज्ञ को कोई सुसंगत जानकारी देने या किसी सुसंगत दस्तावेज, माल या अन्य संपत्ति को उसके निरीक्षण के लिए प्रस्तुत करने या उसकी उस तक पहुंच की व्यवस्था करने की अपेक्षा कर सकेगा ।

(2) जब तक कि पक्षकारों द्वारा अन्यथा करार न किया गया हो यदि कोई पक्षकार ऐसा अनुरोध करता है या यदि माध्यस्थम् अधिकरण यह आवश्यक समझता है तो विशेषज्ञ, अपनी लिखित या मौखिक रिपोर्ट के परिदान के पश्चात् किसी मौखिक सुनवाई में भाग ले सकेगा जहां पक्षकारों को, उससे प्रश्न पूछने और विवाद्यक प्रश्नों पर साक्ष्य देने के लिए विशेषज्ञ साक्षियों को प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त होगा ।

(3) जब तक कि पक्षकारों द्वारा अन्यथा करार न किया गया हो, विशेषज्ञ, किसी पक्षकार के अनुरोध पर, उस पक्षकार को परीक्षा के लिए विशेषज्ञ के कब्जे में के सभी दस्तावेज, माल या सम्पत्ति को, उपलब्ध कराएगा जिसे उसको अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए उपलब्ध कराया गया था ।



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