Section 146 The Trade Marks Act, 1999


Section 146 The Trade Marks Act, 1999: 

Marks registered by an agent or representative without authority.—If an agent or a representative of the proprietor of a registered trade mark, without authority uses or attempts to register or registers the mark in his own name, the proprietor shall be entitled to oppose the registration applied for or secure its cancellation or rectification of the register so as to bring him as the registered proprietor of the said mark by assignment in his favour: Provided that such action shall be taken within three years of the registered proprietor of the trade mark becoming aware of the conduct of the agent or representative.

Supreme Court of India Important Judgments And Leading Case Law Related to Section 146 The Trade Marks Act, 1999: 

Kivi Labs Ltd vs Sun Pharmaceuticals Pvt.Ltd on 1 October, 2012

Indubhai Patel And Ors. vs State And Ors. on 18 February, 1987

व्यापार चिह्न अधिनियम, 1999 की धारा 146 का विवरण : 

किसी अभिकर्ता या प्रतिनिधि द्वारा प्राधिकार के बिना रजिस्ट्रीकृत चिह्न-यदि किसी रजिस्ट्रीकृत व्यापार चिह्न के स्वत्वधारी का कोई अभिकर्ता या प्रतिनिधि, प्राधिकार के बिना, चिह्न का उपयोग करता है या अपने नाम में रजिस्टर करने का प्रयत्न करता है या रजिस्टर कराता है, तो स्वत्वधारी को आवेदित रजिस्ट्रीकरण का विरोध करने या उसके रद्दकरण या रजिस्टर की परिशुद्धि करने का हक होगा जिससे कि उसे उक्त चिह्न के रजिस्ट्रीकृत स्वत्वधारी के रूप में उसके पक्ष में समनुदेशन द्वारा लाया जा सके:

परन्तु ऐसी कार्रवाई व्यापार चिह्न के रजिस्ट्रीकृत स्वत्वधारी द्वारा अभिकर्ता या प्रतिनिधि के आचरण से अवगत होने के तीन वर्ष के भीतर की जाएगी ।

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