Section 145 The Trade Marks Act, 1999

 


Section 145 The Trade Marks Act, 1999: 

Agents.—Where, by or under this Act, any act, other than the making of an affidavit, is required to be done before the Registrar by any person, the act may, subject to the rules made in this behalf, be done instead of by that person himself, by a person duly authorised in the prescribed manner, who is—

(a) a legal practitioner, or

(b) a person registered in the prescribed manner as a trade marks agent, or

(c) a person in the sole and regular employment of the principal.



Supreme Court of India Important Judgments And Leading Case Law Related to Section 145 The Trade Marks Act, 1999: 

Indubhai Patel And Ors. vs State And Ors. on 18 February, 1987

Rg Oswal Hosiery Industries vs Union Of India & Ors on 16 February, 2012



व्यापार चिह्न अधिनियम, 1999 की धारा 145 का विवरण : 

अभिकर्ता-जहां इस अधिनियम द्वारा या उसके अधीन, शपथपत्र बनाने से भिन्न कोई कार्य, किसी व्यक्ति द्वारा रजिस्ट्रार के समक्ष किए जाने की अपेक्षा है, वहां वह कार्य, इस निमित्त बनाए गए नियमों के अधीन उस व्यक्ति द्वारा स्वयं करने के स्थान पर, विहित रीति से सम्यक्तः प्राधिकृत किसी व्यक्ति द्वारा किया जा सकेगा जो-


                (क) विधि-व्यवसायी है; या


                (ख) विहित रीति से व्यापार चिह्न अभिकर्ता के रूप में रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति है; या


                (ग) मालिक द्वारा अनन्यतः और नियमित रूप से नियोजित व्यक्ति है ।



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