Section 128 The Trade Marks Act, 1999

 


Section 128 The Trade Marks Act, 1999: 

Exercise of discretionary power by Registrar.—Subject to the provisions of section 131, the Registrar shall not exercise any discretionary or other power vested in him by this Act or the rules made thereunder adversely to a person applying for the exercise of that power without (if so required by that person within the prescribed time) giving to the person an opportunity of being heard.



Supreme Court of India Important Judgments And Leading Case Law Related to Section 128 The Trade Marks Act, 1999: 

Hindustan Lever Limited vs Sunrider Corporation, D.B.A. on 11 March, 2005



व्यापार चिह्न अधिनियम, 1999 की धारा 128 का विवरण : 

रजिस्ट्रार द्वारा विवेकाधिकार शक्ति का प्रयोग-धारा 131 के उपबंधों के अधीन रहते हुए, रजिस्ट्रार इस अधिनियम या तद्धीन बनाए गए नियमों द्वारा उसमें निहित किसी विवेकाधिकार या अन्य शक्ति का प्रयोग, उस शक्ति का प्रयोग करने के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति प्रतिकूलतः उस व्यक्ति को सुनवाई का अवसर (यदि उस व्यक्ति द्वारा विहित समय के भीतर ऐसी अपेक्षा की जाए) दिए बिना नहीं करेगा ।



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