Section 351 IPC in Hindi and English

 Section 351 IPC in Hindi and English



Section 351 of IPC 1860:-Assault -

Whoever makes any gesture, or any preparation intending or knowing it to be likely that such gesture or preparation will cause any person present to apprehend that he who makes that gesture or preparation is about to use criminal force to that person, is said to commit an assault.

Explanation - Mere words do not amount to an assault. But the words which a person uses may give to his gestures or preparation such a meaning as may make those gestures or preparations amount to an assault.

Illustrations -

(a) A shakes his fist at Z, intending or knowing it to be likely that he may thereby cause Z to believe that A is about to strike Z. A has committed an assault.

(b) A begins to unloose the muzzle of a ferocious dog, intending or knowing it to be likely that he may thereby cause Z to believe that he is about to cause the dog to attack Z. A has committed an assault upon Z.

(c) A takes up a stick, saying to Z, “I will give you a beating”. Here, though the words used by A could in no case amount to an assault, and though the mere SPD gesture, unaccompanied by any other circumstances, might not amount to an assault, the gesture explained by the words may amount to an assault.




Supreme Court of India Important Judgments And Case Law Related to Section 351 of Indian Penal Code 1860:

Dr. S.S. Khanna vs Chief Secretary, Patna & Others on 12 April, 1983

R.H. Bhutani vs Miss Mani J. Desai & Ors on 23 April, 1968

Chanakya Dhibar(Dead) vs State Of West Bengal And Ors on 19 December, 2003

Munshiram vs The State Of Rajasthan on 9 April, 2018




आईपीसी, 1860 (भारतीय दंड संहिता) की धारा 339 का विवरण -हमला -

जो कोई, कोई अंगविक्षेप या कोई तैयारी इस आशय से करता है, या यह संभाव्य जानते हुए करता है कि ऐसे अंगविक्षेप या ऐसी तैयारी करने से किसी उपस्थित व्यक्ति को यह आशंका हो जाएगी कि जो वैसा अंगविक्षेप या तैयारी करता है, वह उस व्यक्ति पर आपराधिक बल का प्रयोग करने ही वाला है, वह हमला करता है, यह कहा जाता है।

स्पष्टीकरण - केवल शब्द हमले की कोटि में नहीं आते, किन्तु जो शब्द कोई व्यक्ति प्रयोग करता है, वे उसके अंगविक्षेप या तैयारियों को ऐसा अर्थ दे सकते हैं जिससे वे अंगविक्षेप या तैयारियां हमले की कोटि में आ जाएं। 

दृष्टांत -

(क) य पर अपना मुक्का क इस आशय से या यह संभाव्य जानते हुए हिलाता है कि उसके द्वारा य को यह विश्वास हो जाए कि क, य को मारने वाला ही है। क ने हमला किया है।

(ख) क एक हिंसक कुत्ते की मुखबंधनी इस आशय से या यह संभाव्य जानते हुए खोलना आरंभ करता है कि उसके द्वारा य को यह विश्वास हो जाए कि वह य पर कुत्ते से आक्रमण कराने वाला है। क ने य पर हमला किया है। 

(ग) य से यह कहते हुए कि “मैं तुम्हें पीटूगा” क एक छड़ी उठा लेता है। यहां यद्यपि क द्वारा प्रयोग में लाए गए शब्द किसी अवस्था में हमले की कोटि में नहीं आते और यद्यपि केवल अंग-विक्षेप बनाना जिसके साथ अन्य परिस्थितियों का अभाव है, हमले की कोटि में न भी आए तथापि शब्दों द्वारा स्पष्टीकृत वह अंगविक्षेप हमले की कोटि में आ सकता है।




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