Uniform Civil Code in Hindi | समान नागरिक संहिता

समान नागरिक संहिता  | Questions and Answers on Uniform Civil Code

प्रश्न : समान सिविल संहिता के बारे में संविधान में क्या कहा गया है? 

उत्तर : संविधान की अनुच्छेद 44 राज्य को यह निर्देश देती है कि राज्य भारत के सभी नागरिकों के लिए समान सिविल संहिता बनाने का प्रयास करेगा| परंतु यह न्यायालयों द्वारा प्राप्त नहीं किया जा सकती क्योंकि यह राज्य के लिए एक नीति निर्देशक सिद्धांत है|

प्रश्न : समान सिविल संहिता के संबंध में न्यायपालिका  ने क्या सुझाव दिए हैं? 

उत्तर : उच्चतम न्यायालय ने अपने एक ऐतिहासिक महत्व के निर्णय सरला मुदगल बनाम भारत संघ( 1995) मैं प्रधानमंत्री से यह निवेदन किया कि वे संघ के अनुच्छेद 44 पर नया दृष्टिकोण अपनाएं जिसमें सभी नागरिकों के लिए एक सम्मान सिविल संहिता के बनाने का निर्देश दिया गया है और कहा कि ऐसा करना पीड़ित व्यक्ति की रक्षा तथा राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता की वृद्धि के लिए आवश्यक है| उच्चतम न्यायालय ने बार-बाहर नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता बनाने पर बल दिया है| परंतु कोर्ट ने सभी लोगों को यह जगह लाने में आने वाली कठिनाइयों को भी महसूस किया है| अपने हाल ही के निर्णय में उच्चतम न्यायालय ने कहा कि यह खेद का विषय है कि अनुच्छेद 44 को अभी तक कानून का रूप नहीं दिया गया है| समान नागरिक संहिता विचारों के आधार पर उत्पन्न मतभेदों को दूर करेगी तथा राष्ट्रीय एकता को बढ़ाने में मददगार होगी|

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