क्या कामकाजी महिलाओं को अपना आवास चुनने का अधिकार है?

प्रश्न : क्या कामकाजी महिलाओं को अपना आवास चुनने का अधिकार है? 
उत्तर:  यद्यपि इस विषय पर न्यायालयों के परस्पर विरोधी निर्णय है| परंतु एक विचार यह है कि महिला को इसका अधिकार है

उदाहरणार्थ : पति एक जगह काम करता था तथा पत्नी अन्य जगह काम करती थी| पत्नी ने अपनी नौकरी नहीं छोड़ी पति ने हिंदू विवाह अधिनियम के अंतर्गत याचिका दाखिल करके यह प्रार्थना की की पत्नी उसके साथ रहे( दांपत्य अधिकारों का प्रतिस्थापन धारा 9 हिंदू विवाह अधिनियम/) परंतु पत्नी ने अपनी नौकरी के कारण पति के साथ रहने से मना कर दिया| दिल्ली उच्च न्यायालय ने पति की याचिका को खारिज कर दिया| न्यायालय ने यह निर्धारित किया कि हिंदू कानून के अनुसार हिंदू विवाहित स्थान जैसी कोई जगह नहीं है| संविधान का अनुच्छेद 14 पति तथा पत्नी दोनों को समान रूप से कानून के समक्ष समानता का अधिकार देता है|

 प्रश्न :क्या विदेश सेवा में महिलाओं पर अविवाहित रहने की शर्त लगाई जा सकती है? 
उत्तर : नहीं, उच्चतम न्यायालय ने यह कहा है कि कोई भी नियम जो कि विवाहित महिलाओं को नौकरी पर रखने की मनाही करते हैं या किसी महिला के विवाह करने पर उन्हें त्यागपत्र देने के लिए कहते हैं ऐसे नियम असंविधानिक हैं| यह बात की महिला विदेश सेवा में है इस आधार पर भी कोई भेदभाव नहीं किया जा सकता| सरकार कोई भी ऐसा नियम नहीं बना शक्ति जोकि महिलाओं के साथ भेदभाव करता है|

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