रेलवे कानून

 रेलवे कानून

रेलवे एक्ट की धारा 137 के अनुसार बिना टिकट रेल में यात्रा करना कानूनी जुर्म होता है। यह एक जमानती प्रकार का अपराध होता है। इसमें सजा के रूप में कारावास या जुर्माना अथवा दोनों दिए जा सकते हैं।  इसी प्रकार सरकारी बस में नकली टिकट या बिना टिकट यात्रा करने पर 3 माह का कारावास या 500 रुपए जुर्माना हो सकता है।  भारतीय रेल यात्रियों की सुविधा के लिए एडवांस रिजर्वेशन की सुविधा भी देती है। 

एडवांस रिजर्वेशन 60 दिन पहले करवाया जा सकता है।  इसके लिए भरे जाने वाले फॉर्म में 6 लोगों का नाम भरा जा सकता है।  रेलवे द्वारा मान्यता प्राप्त काउंटर से भी आरक्षण करवाया जा सकता है। पहली बार आरक्षण करवाने जाने वाले व्यक्ति को जानकारी के अभाव के कारण वेटिंग में आरक्षण कर देते हैं बता ध्यान रहे आपको पहले बोल देना चाहिए कि आपको बेटी में आरक्षण नहीं करवाना है। इसमें आपको यात्रा करते समय कष्ट उठाना पड़ सकता है क्योंकि यह आवश्यक नहीं कि यात्रा के दौरान आपकी सीट खाली हो।  यदि यात्रा के दौरान आपके कोच में कोई सीट खाली नहीं होती है तो आपको खड़े-खड़े या बैठे-बैठे यात्रा करनी होगी।  प्राइवेट रेलवे काउंटर पर आरक्षण कराने पर प्रथम तलाश इसी पर 25 रुपए अधिक लेते हैं।  बाकी क्लासों पर 15 रुपए अधिक वसूलते हैं।  टिकट रद्द करने के लिए एक फॉर्म भरना पड़ता है और उस फॉर्म को कैंसिलेशन फॉर्म कहते हैं।  201 से अधिक किलोमीटर और 499 से कम किलोमीटर तक की यात्रा का टिकट गाड़ी चलने के 3 घंटे पहले तक रद्द करवाया जा सकता है। 500 किलोमीटर से अधिक की यात्रा का टिकट 12 घंटे पहले तक रद्द करवाया जा सकता है। टिकट खो जाने पर एक चौथाई यात्रा का किराया देकर दूसरा टिकट प्राप्त किया जा सकता है।  सफर में एसी फर्स्ट क्लास में 70 किलोग्राम तक का वजन बिना लगेज दिए धोया जा सकता है।  एसी सेकंड क्लास में 50 किलोग्राम और एसी थर्ड क्लास में 40 किलोग्राम तक का सामान बिना किराया दिए ले जाया जा सकता है। 

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