Mithu vs State of Punjab case summary in Hindi

Mithu vs State of Punjab case summary in Hindi

मिट्ठू बनाम पंजाब राज्य के मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 303 को इस आधार पर अवैध घोषित कर दिया गया है कि दो प्रकार की अपराधियों के बीच मृत्युदंड देने के मामले में जेल में आजीवन सजा काट रहे व्यक्ति द्वारा मृत्यु कार्य करना वह जो सजा नहीं काट रहे हैं उनके द्वारा कृत कार्य करना में किया गया वर्गीकरण किसी तर्कसंगत सिद्धांत पर आधारित नहीं है| धारा 303 के अधीन जेल में आजीवन कारावास काट रहे अपराधी द्वारा मानव वध करने पर केवल मृत्युदंड दिए जाने का प्रावधान है जबकि धारा 302 के अधीन मानववाद के मामले में न्यायालय मृत्युदंड अथवा आजीवन कारावास दोनों में से कोई सजा दे सकता है धारा 303 के अधीन यह न्यायिक विकल्प अपराधी को नहीं उपलब्ध है इस प्रकार व्यक्ति अपराधियों के बीच किया गया वर्गीकरण का कोई तर्कसंगत आधार नहीं है और वह अविधिमान्य है|

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