D S Nakara vs Union of India Case Summary in Hindi

D S Nakara vs Union of India Case Summary in Hindi - This is a leading case on Article 14 of Indian Constitution

डी एस नकारा बनाम भारत संघ के मामले में सेंट्रल सर्विसेज जून 1972 को इस आधार पर अविधिमान्य ही मान्य घोषित किया गया है कि उसके द्वारा एक निश्चित तिथि के पूर्व सेवानिवृत्त होने वाले टेंशन होगी और उसके पश्चात सेवानिवृत्त होने वाले पेंशन भोगियों में किया गया वर्गीकरण आयुक्त एवं बनवाना है| न्यायाधिपथी श्री देसाई ने अनुच्छेद 14 में निहित समता के सिद्धांत और उसके निर्धारण की कसौटी को दोहराते हुए कहा है कि अनुच्छेद 14 वर्ग विधान का प्रतिषेध करता है, युक्ति वर्गीकरण को नहीं बसंती की वर्गीकरण उक्त कसौटीओं के आधार पर किया गया हो| मानव समाज का गठन और सम्मान व्यक्तियों से होता है और एक कल्याणकारी राज्य समाजिक आर्थिक रूप से कम भाग्यशाली लोगों की दशा सुधारने का प्रयास करता है जिसके लिए उसे विशेष विधि बनानी होती है जो उन पर लागू हो और उनकी दशा सुधारें| इसके लिए ही न्यायालय ने वर्गीकरण के सिद्धांत का प्रतिपादन किया है ताकि उन कानूनों को विधि मानने रखा जा सके| किंतु राज्य को ऐसा करते  समय उक्त दोनों कसौटी ओं का पालन करना चाहिए जिन के अभाव में वर्गीकरण अनुच्छेद 14 का अतिक्रमण करेगा और अवैध घोषित कर दिया जाएगा|

Comments

Popular posts from this blog

संविधान की प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख | Characteristics of the Constitution of India

भारतीय संविधान से संबंधित 100 महत्वपूर्ण प्रश्न उतर

संविधान के अनुच्छेद 19 में मूल अधिकार | Fundamental Right of Freedom in Article 19 of Constitution