Section 56 Arbitration and Conciliation Act, 1996

 



Section 56  Arbitration and Conciliation Act, 1996: 

Evidence.—

(1) The party applying for the enforcement of a foreign award shall, at the time of application, produce before the Court—

(a) the original award or a copy thereof duly authenticated in the manner required by the law of the country in which it was made;

(b) evidence proving that the award has become final; and

(c) such evidence as may be necessary to prove that the conditions mentioned in clauses (a) and (c) of sub-section (1) of section 57 are satisfied.

(2) Where any document requiring to be produced under sub-section (1) is in a foreign language, the party seeking to enforce the award shall produce a translation into English certified as correct by a diplomatic or consular agent of the country to which that party belongs or certified as correct in such other manner as may be sufficient according to the law in force in India. Explanation.—In this section and all the following sections of this Chapter, “Court” means the principal Civil Court of original jurisdiction in a district, and includes the High Court in exercise of its ordinary original civil jurisdiction, having jurisdiction over the subject-matter of the award if the same had been the subject-matter of a suit, but does not include any civil court of a grade inferior to such principal Civil Court, or any Court of Small Causes.




Supreme Court of India Important Judgments And Leading Case Law Related to Section 56  Arbitration and Conciliation Act, 1996: 

Gagan Ferrotech Limited And  vs West Bengal Electricity on 24 January, 2022

Calcutta High Court (Appellete Side) 

High Court Of Jammu And Kashmir At  vs Trikuta Chemicals Ltd on 31 March, 2015

Jammu & Kashmir High Court 

Nahar Allied Agencies vs Hindustan Petroleum Corporation on 10 December, 2004

Madhya Pradesh High Court 

Rashtriya Chemical vs J.S. Ocean Liner Pte. Ltd on 20 April, 2010

Bombay High Court 

Ramesh Chand Kathuria And Anr. vs M/S Trikuta Chemicals  on 31 March, 2015

Jammu & Kashmir High Court 

Executive Engineer vs M/S Anil Sharma on 19 August, 2020

Jharkhand High Court 

High Court Of Jammu And Kashmir At  vs Trikuta Chemicals Ltd And Anr on 31 March, 2014

Jammu & Kashmir High Court



माध्यस्थम् और सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 56 का विवरण : 

साक्ष्य-(1) किसी विदेशी पंचाट को प्रवर्तित कराने के लिए आवेदन करने वाला पक्षकार, आवेदन करते समय न्यायालय के समक्ष निम्नलिखित पेश करेगा-

(क) मूल पंचाट या जिस देश में वह दिया गया था, उस देश की विधि द्वारा अपेक्षित रीति से सम्यक् रूप से अधिप्रमाणित उसकी प्रति ; तथा

(ख) यह साबित करने के लिए साक्ष्य कि पंचाट अंतिम हो गया है, तथा

(ग) ऐसा साक्ष्य जो यह साबित करने के लिए आवश्यक हो कि धारा 57 की उपधारा (1) के खंड (क) और खंड (ग) में वर्णित शर्तों की पूर्ति हो जाती है ।

(2) जहां कि उपधारा (1) के अधीन पेश करने के लिए अपेक्षित दस्तावेज विदेशी भाषा में है वहां पंचाट का प्रवर्तन चाहने वाला पक्षकार अंग्रेजी भाषा में उसका ऐसा अनुवाद पेश करेगा जो उस देश के राजनयिक या कौंसलीय अभिकर्ता ने, जिस देश का वह पक्षकार है, यह प्रमाणित किया है कि वह सही अनुवाद है या जिसकी बाबत ऐसी अन्य रीति से यह प्रमाणित किया गया है कि वह सही अनुवाद है जो भारत में प्रवृत्त विधि के अनुसार पर्याप्त हो ।

स्पष्टीकरण-इस धारा में और इस अध्याय की निम्नलिखित सभी धाराओं में, न्यायालय" से किसी जिले में आरंभिक अधिकारिता वाला प्रधान सिविल न्यायालय अभिप्रेत है और इसके अंतर्गत अपनी मामूली आरंभिक सिविल अधिकारिता का प्रयोग करने वाला ऐसा उच्च न्यायालय भी है जो पंचाट की विषय-वस्तु होने वाले प्रश्नों का, यदि वे वाद की विषय-वस्तु होते तो विनिश्चय करने की अधिकारिता रखता, किन्तु ऐसे प्रधान सिविल न्यायालय से निम्न श्रेणी का कोई सिविल न्यायालय या कोई लघुवाद न्यायालय इसके अन्तर्गत नहीं आता है ।



To download this dhara / Section of  Arbitration and Conciliation Act, 1996 in pdf format use chrome web browser and use keys [Ctrl + P] and save as pdf.

Comments

Popular posts from this blog

100 Questions on Indian Constitution for UPSC 2020 Pre Exam

संविधान की प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख | Characteristics of the Constitution of India

भारतीय संविधान से संबंधित 100 महत्वपूर्ण प्रश्न उतर