Section 73 Arbitration and Conciliation Act, 1996

 

Section 73  Arbitration and Conciliation Act, 1996: 

Settlement agreement.—

(1) When it appears to the conciliator that there exist elements of a settlement which may be acceptable to the parties, he shall formulate the terms of a possible settlement and submit them to the parties for their observations. After receiving the observations of the parties, the conciliator may reformulate the terms of a possible settlement in the light of such observations.

(2) If the parties reach agreement on a settlement of the dispute, they may draw up and sign a written settlement agreement. If requested by the parties, the conciliator may draw up, or assist the parties in drawing up, the settlement agreement.

(3) When the parties sign the settlement agreement, it shall be final and binding on the parties and persons claiming under them respectively.

(4) The conciliator shall authenticate the settlement agreement and furnish a copy thereof to each of the parties.



Supreme Court of India Important Judgments And Leading Case Law Related to Section 73  Arbitration and Conciliation Act, 1996: 

Haresh Dayaram Thakur vs State Of Maharashtra And Ors on 5 May, 2000




माध्यस्थम् और सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 73 का विवरण : 

समझौता करार-(1) जब सुलहकर्ता को यह प्रतीत हो कि किसी समझौते के ऐसे तत्व मौजूद हैं जो पक्षकारों को स्वीकार्य हो सकते हैं, तब वह किसी संभावित समझौते के निबंधन तैयार करेगा और उन्हें पक्षकारों को उनके विचार व्यक्त करने के लिए देगा । पक्षकारों के विचार प्राप्त होने के पश्चात्, सुलहकर्ता ऐसे विचारों को ध्यान में रखते हुए किसी संभावित समझौते के निबन्धन पुनः तैयार कर सकेगा ।

(2) यदि पक्षकार, विवाद के किसी समझौते पर करार करते हैं तो वे एक लिखित समझौता करार तैयार करा सकेंगे और उस पर हस्ताक्षर कर सकेंगे । यदि पक्षकारों द्वारा अनुरोध किया जाए, तो सुलहकर्ता समझौता करार तैयार कर सकेगा या तैयार करने में पक्षकारों की सहायता कर सकेगा ।

(3) जब पक्षकार समझौता करार पर हस्ताक्षर करेंगे तब वह अंतिम होगा और पक्षकारों तथा उनके अधीन दावा करने वाले व्यक्तियों पर आबद्धकर होगा ।

(4) सुलहकर्ता, समझौता करार को अधिप्रमाणित करेगा और उसकी एक प्रति प्रत्येक पक्षकार को देगा ।




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